महाराष्ट्र पर महा संकट,  २ लाख लोगों पर तंबाकू कैंसर का खतरा

तंबाकू, धूम्रपान और शराब का सेवन करनेवालों में मुंह का वैंâसर होने की बात जग जाहिर है। अब तो उन मौत के सामानों के पैकेट पर भी चेतावनी और फोटो छपे होते हैं, इसके बाद भी लोग तंबाकूयुक्त पदार्थों का सेवन नहीं छोड़ते हैं। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा ‘महा ओरल’ मुहिम चलाई गई। इस मुहिम में मुंह के कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए एक जांच अभियान चलाया गया। जांच के बाद पाया गया कि महाराष्ट्र के ५४४ लोगों में मुंह के वैंâसर की पुष्टि हुई जबकि २ लाख ६२ हजार ४३१ लोगों में कैंसर होने के शुरुआती लक्षण दिखे। महाराष्ट्र में रह रहे उक्त लोगों पर मुंह के  कैंसर का महासंकट मंडरा रहा है। इस मुहिम से जुड़े राज्य स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व अधिकारियों ने उक्त लोगों को चेताया है कि यदि उन्होंने तंबाकू का सेवन नहीं छोड़ा तो वे आगामी १० से १२ वर्षों में मुंह के कैंसर का शिकार हो जाएंगे।
राज्य में रह रहे लोगों को मुंह के वैंâसर से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने टाटा अस्पताल के सहयोग से राज्यभर में ‘महाओरल’ अभियान की शुरुआत दिसंबर २०१७ में की थी। देश के लिए यह एक ऐतिहासिक मुहिम बन चुकी है। महाओरल कैंसर जांच अभियान के सदस्य और टाटा कैंसर अस्पताल के मुंह व गले के कैंसर सर्जन डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदुस्थान में चलाई गई यह अब तक की सबसे बड़ी मुहिम है। महज दो महीने में २ करोड़ से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें ५४४ लोगों में मुंह के  कैंसर की पुष्टि हुई। उक्त सभी मरीजों को संबंधित सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में उपचार दिया जा रहा है। टाटा अस्पताल से पढ़ाई कर निकले वैंâसर के विशेषज्ञों द्वारा सर्जरी व उपचार किया जा रहा है। ३४ राज्यों में चलाई गई इस मुहिम में एक्टिव स्क्रीनिंग का काम यानी घर-घर जाकर लोगों को अस्पताल तक पहुुंचाने का काम आशा और एएनएम कर्मचारियों ने किया है जबकि प्राथमिक उपचार केंद्र, जिला अस्पताल, ग्रामीण अस्पताल में सरकारी व टाटा अस्पताल के डॉक्टर व पूर्व विद्यार्थी के सहयोग से वैंâसर की जांच से लेकर उपचार का जिम्मा उठाया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य निदेशालय की संयुक्त निदेशक डॉ. साधना तायड़े ने कहा कि वैंâसर से ग्रसित लोगों का इलाज महात्मा फुले जीवनदायी आरोग्य योजना के तहत मुफ्त में किया जा रहा है। साथ ही कैंसर के प्रारंभिक लक्षण पाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार व तंबाकू छोड़ने के लिए समुपदेशन के जरिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए हमने नासिक और नागपुर में ४९ लाख लोगों की जांच की है जिसकी रिपोर्ट्स आना बाकी है।