महाराष्ट्र बोर्ड फर्स्ट मैरिट से आऊट!, केंद्रीय बोर्ड के बच्चों को मिलेगी पहली लिस्ट में प्राथमिकता

नामचीन डिग्री कॉलेजों में इस बार एडमिशन हासिल करने के मामले में महाराष्ट्र बोर्ड के छात्र फर्स्ट मेरिट लिस्ट से लगभग आउट हो जाएंगे। कॉलेजों के प्रिंसिपल की माने तो महाराष्ट्र बोर्ड के रिजल्ट विगत दो वर्षों में लगभग ५ प्रतिशत से लुढ़का है। इतना ही ही नहीं ९० प्रतिशत से अधिक अंक लानेवाले छात्रों की संख्या भी गत वर्ष की तुलना में एक हजार से कम है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय बोर्ड (सीबीएसई) के बच्चों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। सीबीएसई बोर्ड के कई छात्रों ने ९५ प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किया है। इससे एक बात तो साफ है कि डिग्री कॉलेज में एडमिशन के लिए पहले राउंड में अंकों के आधार पर सीबीएसई के छात्रों को सीट मिलने की अधिक संभावना है।
बता दें कि बारहवीं के बाद डिग्री कॉलेजों में एकाउंटिंग, बैचलर ऑफ बैंकिंग एंड फाइनांस, बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज आदि विशेष डिग्री कोर्स के अंकों की मारामारी देखने को मिलती है। सीट कम और दावेदार अधिक होते है। इस बार महाराष्ट्र माध्यमिक व उच्च माध्यमिक बोर्ड द्वारा फरवरी, मार्च में ली गई परीक्षा में छात्रों का खासकर ९० प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करनेवालों का प्रदर्शन सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के छात्रों की तुलना में असंतोषजनक रहा है। मुंबई से २,२१० छात्रों को जबकि राज्य में ४,४७० छात्रों को ९० प्रतिशत अधिक अंक मिला है। डालमिया कॉलेज के प्रिंसिपल एन. पांडे ने बताया कि डिग्री कॉलेजों में एडमिशन के लिए खासकर सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए राज्य के बच्चों में ही अंकों की टफ-फाइट देखी जाती है। इस बार सीबीएसई, आईसीएस बोर्ड के बच्चों का परिणाम ज्यादा अच्छा आया है। ऐसे में एडमिशन के समय जिनके अंक अच्छे होंगे उन्हें पहले एडमिशन मिलने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। बच्चों को निराश होने की जरूरत नहीं बस धैर्य रखें आगामी दो राउंड में उन्हें जरूर अवसर मिलेगा लेकिन राह आसान नहीं होगी। सोमैया कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. विजय जोशी ने कहा कि इस बार केंद्रीय बोर्ड के छात्रों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। कई बच्चों को ९० व ९५ प्रतिशत से ज्यादा अंक मिले है, जिसके अंक बेहतर होंगे उसी को सबसे पहले प्रवेश भी मिलेगा।