महाराष्ट्र में दम तोड़ता बचपन, दो साल में १,३९४ की मौत

राज्य में बच्चों की मौत का सिलसिला थमा नहीं है। इन पर लगाम लगाने के लिए भले ही कितनी कोशिशें की गईं लेकिन विगत दो सालों में पालघर और मेलघाट जिले में बचपन दम तोड़ रहा है।
यूपी-बिहार में मौतों का जो कारवां चला है, उसी में महाराष्ट्र भी शामिल होता प्रतीत हो रहा है। राज्य में १,३९४ बच्चों ने अलग-अलग कारणों से अपनी जानें गंवाई हैं। बच्चों के साथ-साथ २७ माताओं ने भी अपनी जान गंवाई है। जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार पालघर जिले में छह साल तक की उम्र के ८१७ बच्चों की मौत हुई है। जबकि अमरावती मेलघाट आदिवासी भाग में ५९७ बच्चों की मौत हो गई। इस बाल मृत्यु का कारण लो बर्थ हार्ट आदि बीमारियां हैं।
पालघर जिले के जव्हार तालुका में कुपोषण की वजह से होनेवाली बच्चों की मौत और अर्भक मृत्यु के बारे में उचित कार्रवाई के लिए महिला व बाल कल्याण विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। यह जानकारी आदिवासी, महिला व बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने दी है।