महाराष्ट्र में भगवा ही भगवा, आदित्य ठाकरे की उरण में अभूतपूर्व सभा

एक अलग वातावरण देख रहा हूं। २०१९ का तूफान अलग ही है। महाराष्ट्र में जहां-जहां मैं प्रचार के लिए जा रहा हूं, वहां-वहां एक ही रंग मुझे दिखाई दे रहा है, वो है भगवा, भगवा, भगवा। इन शब्दों में शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने अपने विचार व्यक्त किए।
मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के शिवसेना-भाजपा महायुति के प्रत्याशी श्रीरंग बारणे के प्रचारार्थ उरण में महायुति की विशाल सभा आयोजित की गई थी। सभा को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना-भाजपा महायुति ने राज्य और केंद्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य किया है। वचनों की पूर्ति हमने की है। उन्होंने आगे कहा कि कहीं भी जाऊं, वहां लोगों ने एक ही निश्चय किया है कि वे कांग्रेस-राष्ट्रवादी के महागठबंधन को एक भी वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ये चुनाव दो उम्मीदवारों का नहीं, दो व्यक्तियों का नहीं, गली का नहीं, ग्राम पंचायत का नहीं, राज्य का नहीं बल्कि ये चुनाव देश का है इसलिए देशप्रेम और देश के लिए मतदान करो, ऐसा आह्वान उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से किया। उन्होंने कहा कि आज की क्या जरूरत है, इसे हमें समझना है। हमें सत्ता में बैठनेवाला सांसद चाहिए या विपक्ष के अलीबाबा और चालीस चोरों के बीच बैठनेवाला सांसद चाहिए? ऐसा सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि आपका हर एक वोट निर्णायक है। महाराष्ट्र में उमड़े भगवा तूफान को देखते हुए आदित्य ठाकरे ने विश्वास जताया कि इस बार महाराष्ट्र की ४८ लोकसभा की सीटों पर महायुति की जीत निश्चित है।
शिवसेना-भाजपा युति के संदर्भ में बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमारी युति हिंदुत्व की है। उन्होंने कहा कि १९९५ में युति सरकार के कार्यकाल में ५५ फ्लाई ओवर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस हाईवे जैसी कई परियोजनाएं अस्तित्व में आर्इं। इसके बाद कांग्रेस-राकांपा आघाड़ी सरकार के १५ वर्षों के कार्यकाल में सिर्फ घोटाले ही घोटाले हुए हैं। सिंचाई घोटाला, २जी घोटाला, तेलगी घोटाला जैसे कई घोटाले हुए। वर्तमान में महायुति सरकार के ५ वर्षों के कार्यकाल में भी विकास कार्य हुए हैं। सड़क और जलमार्ग को जोड़ने का काम महायुति सरकार के कार्यकाल में हुआ है। इन विकास कार्यों से रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। इन सबका लाभ भविष्य में भी उठाना है तो केंद्र ही नहीं राज्य में भी महायुति की सरकार लानी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बनकर रहेंगे और केंद्र में महायुति की सरकार निश्चित आएगी। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें तो देश का कार्टून नेटवर्क होगा। राहुल ने अपने घोषणापत्र में देशद्रोह की धारा हटाने और कश्मीर में धारा ३७० बनाए रखने की बात कही है, जो देश के लिए काफी हानिकारक है।