महाराष्ट्र में सिर्फ शिवसेना!

दबे-कुचले तबकों के पीछे खड़ी शिवसेना।
देशद्रोही, गद्दार, कमबख्तों के आगे खड़ी शिवसेना।
संपूर्ण देशभक्ति दिखती शिवसेना में।
एकमेव एकलक्ष्य सकल समाज आगे बढ़े।
दुश्मनों की मांद में घुस सीने चढ़े।
वैâसे मन से मन जुड़े, विरोधियों का जन मुड़े।
मिल-जुलकर सब रहें, अपनेपन की बयार बहे।
अधर्मता की हठ छोड़, दूसरा भाव की कठ तोड़।
आगे ही आगे बढ़ती जाए शिवसेना।
दोगले-चोचले से करे परहेज शिवसेना।
मान-मर्यादा समभाव धरे सहेज
देश-दुनिया में बुलंद करती आवाज।
तिरंगे को उठा फलक पर गर्जना करते जांबाज।
अंधकार सियासी गलियारे को दे उजाला।
निडर, निर्भय अग्रतेज ज्वाला ‘फकीरा’
यहां-यहां पग शोधन धरेगी शिवसेना।
पूरे देश को रोशन करेगी शिवसेना।।
-प्रेम शंकर ‘फकीरा’, मुंबई

बहार की तरह
मेरी जिंदगी में आप आए बहार की तरह,
मुसीबत में खुशनुमा प्यार की तरह।
मैं आपको पाकर बहुत खुश हो
गई एक गुलिस्तां की तरह,
इन लम्हों को निखार दिया
आपने इक चमन की तरह।
मेरी जिंदगी को एक नया मोड़ दे दिया आपने,
मैं आपको पाकर बहुत खुश हो गई
एक रोशनी की तरह।
मेरे जीवन में इक नई कली खिल गई,
मेरी हर सुबह शाम यूं निखार दी आपने,
मेरी सारी जिंदगी संवार दी आपने।
पाकर आपको सारा जमाना पा लिया हमने,
अब तो सच हो गए मेरे सारे के सारे सपने।
अपने को कर अर्पण दिया आपके सामने,
आपके साथ बदल गए मेरी जिंदगी के मायने।
सिर्फ आपकी है हमारी यह जिंदगी,
आपके नाम है हमारी यह बंदगी।
मेरे जीवन में आपकी इक अलग पहचान है,
यह गुड़िया तो बस आपके ही +नाम है।
मेरे जीवन में आके इक मिठास भर दिया आपने,
डूबती नाव को तिनके का सहारा दिया आपने।
इक प्यारा सा अहसास और
जीने की एक आस हो गई,
मेरी मोहब्बत की मंजिल
अब कुछ खास हो गई।
मेरी जिंदगी में आप आए बहार की तरह,
मुसीबत में खुशनुमा प्यार की तरह।
आपके आने से मेरी जिंदगी भर गई,
मुझे अब पूरी की पूरी दुनिया मिल गई।
ऐसे मेरे जिंदगी में आप मेरे साथ चलते रहें,
सदा हमारी मोहब्बत के फूल खिलते रहें।
मैं यही दुआ करती हूं कि आप मेरे सांसों में,
मेरी हर धड़कनों में, मेरे दिल के विश्वासों में।
आप बसे रहो रोशनी की तरह,
मेरे मन की चांदनी की तरह।
मैं आपको अपने दिल में तलाशती हूं,
अपने आप में हर पल महसूसती हूं।
मेरी जिंदगी में आप आए बहार की तरह,
मुसीबत में खुशनुमा प्यार की तरह।।
-हेमलता त्रिपाठी, लखनऊ

अनुच्छेद- ३७० हटा
एक सिरदर्द मिटा, वाह रे मोदी।
खूब हिम्मत ढांढस जताया तुमने।।
जम्मू-कश्मीर से ३७० हटा के।
भारतवासियों को आजाद किया।।
फोड़ के पटाखे
अबकी दिवाली सचमुच है दिवाली।
जम्मू-काश्मीर की जनता को मिल गया है।।
अब एक सच्चा माली
काले बादल पाकी इरादों के
अब हट जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर की भूमि अब फिर
आजादी की दिवाली मनाएगी।
किसी ने सच कहा है
भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं।
अब तुम्हारे भविष्य को पाक का डर नहीं।।
अब तुम बन गए हो सच्चे भारतवासी।
खूब पटाखे फोड़ो, मिठाई बांटो।
मनाओ धूमधाम से दिवाली।।
-अनिल कुमार विष्णु जोशी
ठाणे

जीवन का सत्य
हमें जागना है तभी सजगता होगी।
लोग कहते हैं हम तो जागे हुए हैं।।
नहीं, नहीं, नहीं गहरी निद्रा में सोये हैं।
और वह निद्रा है अज्ञानता की माया की।।
भीतर से जागना है।।
स्व को जानकर है जागना।
जागना जीवन का सत्य है।।
ज्ञान के उछाल से भीतर का जागरण होता है।
विरोधाभास, विसंगतियों में हम जी रहे हैं।।
भीतर के जागने पर विसंगतियां दूर होंगी।
और तभी सही मायने में हम जी सकते हैं।।
नींद से जागना जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए।।
स्व का जागरण बहुत जरूरी है।
भौतिकवादी ज्ञान से जीवन बेहतर नहीं होता।।
समस्याओं का समाधान नहीं मिलता।
सुख-सुविधाएं तो बहुत प्राप्त कर लीं।।
लेकिन फिर भी अशांति का वातावरण है।
‘स्व’ में जागना अपने आपको जानना है।।
अपने आप में होना ही जीवन का सत्य है।
सद्गुरु के मार्गदर्शन में जागना और।।
‘स्व’ की अनुभूति प्राप्त करना सहज, सरल और सुगम है।।
-आर.डी. अग्रवाल ‘प्रेमी’, खेतवाड़ी, मुंबई