" /> महाराष्ट्र में 28,000 हुए कोरोना मुक्त! मात्र 200 मरीज गंभीर

महाराष्ट्र में 28,000 हुए कोरोना मुक्त! मात्र 200 मरीज गंभीर

मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को किया लाइव संबोधित

शुरू हुआ मिशन बिगन अगेन!

राज्य में कोरोना के आ रहे मामलों के बीच महाराष्ट्र में लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाते हुए इसमें कई तरह की राहत देने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र सरकार ने 30 जून तक बढ़ाए गए लॉकडाउन का नाम ‘मिशन बिगिन अगेन’ दिया है। इस मिशन बिगिन अगेन को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल सोशल मीडिया के जरिए राज्य की जनता को लाइव संबोधित किया। अपने इस संबोधन में उन्होंने स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने राहत भरी खबर यह भी दी कि महाराष्ट्र में 28 हजार लोग कोरोना से मुक्त हो गए हैं। अभी सिर्फ 1,200 मरीज गंभीर किस्म के हैं।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल फेसबुक के माध्यम से जनता से संवाद स्थापित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं लॉकडाउन के संदर्भ में की है। मुख्यमंत्री ने दूकानों को खोलने, सुबह की वॉक, आगामी रविवार से घर-घर अखबार का वितरण करने आदि की घोषणा की। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले फेज यानी 3 जून से लोग सबेरे पांच बजे से शाम सात बजे तक सैरगाहों, मैदान में वॉक और व्यायाम कर सकेंगे। यह अनुमति उन्हें अपना स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए दिया गया है, न कि भीड़ करके अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए। इसके अलावा प्लम्बर, पेस्ट कंट्रोल, ईलेक्ट्रिशियन व गैरेज को नियमों का पालन करते हुए खोलने की भी अनुमति होगी। दूसरे फेज में यानी 5 जून से ऑड इवेन के तहत दुकानें शुरू की जा सकेंगी। टैक्सी, रिक्शा, कैब को सीमित यात्रियों के साथ जाने की अनुमति दी जाएगी। 7 जून से अखबार घरों तक वितरित करने की अनुमति दी गयी है लेकिन अखबार वितरित करते समय अखबार विक्रेताओं को घर तक अखबार पहुंचनेवाले लड़कों की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। उन्हें मास्क और हैंड सेनिटाइजर देने होंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसी भी चीजों को अनुमति नहीं दी गई है जिससे भीड़ हो सके। तीसरे फेज यानी 8 जून से 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय शुरू करने की अनुमति भी सरकार ने दी है। जिले के अंदर 50 फीसदी प्रवासियों के साथ बस चलाने की अनुमति होगी। दूसरे जिले में बसों को जाने की अनुमति नहीं होगी।उन्होंने जनता से एक बार फिर आह्वान किया कि जरुरत न होने पर घर से बाहर न निकलें। बुजुर्गो और हाई रिस्क के लोगों को कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा है इसलिए वे घर से बाहर न निकलें। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया है कि वे बाहर से घर में आने के बाद अपना और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हाथ धोने, नहाने के साथ अन्य चीजों का भी ध्यान रखें। मानसून आनेवाला है जाहिर है कि भीगने से सर्दी , खांसी और बुखार आएगा इसलिए इस तरह के लक्षण मिलने पर फौरन डॉक्टर को संपर्क कर अपना इलाज कराएं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि एक बार जो चीजें शुरू की हैं, उसे बंद नहीं करना है। यह तभी संभव है, जब हम अनुशासनात्मक तरीके से नियमों का पालन करेंगे।

प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया गया
16 लाख प्रवासी मजदूर उनके मूल गांव रेल व एसटी के जरिए छोड़े गए हैं। इसपर 85 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किया गया है।

स्वस्थ हो रहे हैं मरीज
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में बढ़ रहे कोरोना मरीजों को लेकर राज्य में राष्ट्रपति शासन और सेना को बुलाने की बात करनेवालों की जमकर खबर ली है। उन्होंने कहा कि 65 हजार मरीजों में से 28 हजार मरीज कोरोना मुक्त हो गए हैं। 34,000 एक्टिव केस में से 24,,000 बिना लक्षणवाले हैं। इसके साथ ही 24 हजार में से 9,500 मरीज में कोरोना के मध्यम लक्षण है। 200 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इसके अलावा कोरोना के मृत्यु दर को शून्य करने के लिए सरकार जुटी है। उन्होंने बताया कि आज महाराष्ट्र में 77 लैब हैं। आगामी दिनो में यह संख्या 100 हो जाएगी। इसके अलावा आईसीयू बेड की संख्या 250 से बढ़ाकर 8,500 की गई है। ऑक्सीजन बेड की भी संख्या बढ़ाई गई है। आइसोलेशन बेड की संख्या लाखों में की गई है। कोरोना जांच की दर कम करने के लिए केंद्र सरकार से बात की गईं है। ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।

शैक्षणिक वर्ष का नहीं होगा नुकसान
शैक्षणिक वर्ष का नुकसान न हो इस पर भी सरकार विचार कर रही है। कॉलेज की तरह स्कूल भी शुरू करना है। जहां प्रत्यक्ष रूप से स्कूल शुरू हो सकते हैं, जहां ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया जा सकता है और जहां ई- लर्निंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है, इन सब बातों पर सरकार विचार कर रही है और आगामी दो दिनों में इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई विश्विद्यालय के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को सेमिस्टर परीक्षा के अंकों के आधार पर उन्हें औसतन मार्क्स दिए जाएंगे। जिन विद्यार्थियों को लग रहा है कि मिले अंकों से भी ज्यादा अंक वह ला सकता था तो ऐसे विद्यार्थियों को उस समय परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा, जब परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।