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महाराष्ट्र से 42,000 प्रवासी श्रमिकों को अब तक 35 ट्रेनों द्वारा उनके गृह राज्य भेजा गया

महाराष्ट्र से अब तक 35 ट्रेनों द्वारा 42,000 प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्य भेजा गया है। राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशव्यापी बंद की वजह से फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों के परिचालन की अनुमति दी थी।
महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से अब तक 35 ट्रेनें 42,000 मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए जा चुकी हैं। प्रवासी श्रमिकों के लिए ज्यादा ट्रेनें चलाने के रेलवे के फैसले के बाद आनेवाले दिनों में इस संख्या में इजाफा होगा। महाराष्ट्र से अपने घर जाने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक स्थानीय पुलिस के पास पंजीकरण करा रहे हैं। राज्य में लंबी दूरीवाली ट्रेनों से संबंधित रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक आ रहे हैं जो जल्द-से-जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं।
राज्य सड़क परिवहन निगम ने घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश से लगती हुई राज्य की सीमा तक पहुंचाने के लिए करीब 300 बसों का परिचालन भी किया है। एमएसआरटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था अपने घरों के लिए पैदल ही रवाना हुए मजदूरों को सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है। एमएसआरटीसी नासिक, पुणे और मुंबई से श्रमिकों के लिए बसें चला रही है। अधिकारी का कहना है कि एमएसआरटीसी ने इन प्रवासी श्रमिकों को राज्य की सीमा तक ही पहुंचाने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी यात्रा से जुड़ी तकलीफ और धूप में पैदल चलनेवाले मजदूरों की संख्या कम हो सके।