महिलाओं की पीड़ा होगी कम, पुरुषों के लिए बना गर्भनिरोधक इंजेक्शन

१३ साल तक रहेगा प्रभाव
सर्जरी की झंझट खत्म
३०३ लोगों पर आजमाया गया
९७.३ प्रतिशत मिली सफलता
कोई साइड इफेक्ट नहीं
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए आज भी महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियां खानी पड़ती या फिर नसबंदी जैसी जटिल प्रकिया से गुजरना पड़ता है। नसबंदी के लिए महिलाओं की ओपन सर्जरी की जाती है, जो कि कष्टदायी होती है। ऐसे में ‘अंतरा’ नामक गर्भनिरोधक इंजेक्शन हाल ही में लांच किया गया। अब महिलाओं का दर्द पुरुष कम कर सकते हैं। भारतीय मेडिकल रिसर्च काउंसिल (आईसीएमआर) ने पुरुषों को लगनेवाले दुनिया के पहले गर्भनिरोधक इंजेक्शन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

बता दें कि देश के लिए यह गर्व की बात है कि विश्व जो न कर सका वो भारतीय वैज्ञानिकों ने कर दिखाया है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्शन बना लिया है। गर्भनिरोधक के रूप में पुरुषों को लगनेवाले इस इंजेक्शन का प्रभाव १३ साल तक रहेगा। वैसे तो महिलाओं की तुलना में पुरुष की नसबंदी आसान होती है लेकिन इस इंजेक्शन के आने के बाद सर्जरी का झंझट ही खत्म हो जाएगा। यह पुरुषों के लिए दुनिया का पहला इंजेक्शन होगा।

इस प्रोजेक्ट में शामिल रहे शोधकर्ताओं के अनुसार, आईसीएमआर ने इसे अब ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को अप्रूवल के लिए भेजा है। आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएस शर्मा ने बताया कि प्रोडक्ट तैयार है। हमें ड्रग कंट्रोलर की परमीशन मिलने की ही देरी है। तीनों फेज के ट्रायल पूरे कर लिए गए हैं। तीसरे फेस में ३०३ लोगों पर इसे आजमाया गया और ९७.३ फीसदी सफलता मिली है। अभी तक इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी सामने नहीं आए। आईसीएमआर देश में बॉयोमेडिकल रिसर्च को लेकर सबसे बड़ी इकाई है। यह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत कार्य करती है।