मां चंद्रघंटा

मां दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। मां चंद्रघंटा तीन नेत्रों तथा दस हाथोंवाली हैं। इनके दस हाथों में कमल, धनुष-बाण, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं। यह साधकों को चिरायु, स्वास्थ्य और सुखी-संपन्न होने का आशीर्वाद देती हैं। इनके पूजन से मणिपुर चक्र जागृत होता है।
उपासना मंत्र : 
पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते महयं चन्दघण्टेति विश्रुता।।
प्रिय रंग : श्वेत
नैवेद्य : दूध