मां महालक्ष्मी का प्रसाद है रैंकला झील

प्राकृतिक खूबसूरती एवं ऐतिहासिक-धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घुमक्कड़ी के लायक पर्यटनस्थलों की कोई कमी नहीं है लेकिन रैंकला झील यहां के सर्वाधिक खूबसूरत जगहों में से एक है। झील के बीच में स्थित रैंक भैरव नामक प्राचीन मंदिर के कारण झील का नाम रैंकला पड़ा है। रैंक भैरव को भगवान शिव का अवतार कहा जाता है। रैंकला झील को ‘कोल्हापुर सिटी का दिल’ भी कहा जाता है। इस झील में लंबी नाव की सवारी का अलग ही रोमांच है। आप नौकायन, घोड़े की सवारी, विभिन्न पार्कों और खाने-पीने के साथ में मंदिरों का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा यहां आस-पास और भी कई आकर्षक पर्यटनस्थल हैं, जहां आप रोमांचक छुट्टियां बिता सकते हैं।
रैंकला झील महाराष्ट्र का कोल्हापुर स्थित एक सुंदर पर्यटनस्थल है। कृत्रिम रूप से निर्मित यह झील बेहद सुंदर है। रैंकला झील का निर्माण कोल्हापुर के राजा श्री छत्रपति शाहू महाराज के शासनकाल में हुआ था। इस झील के निर्माण की कहानी बेहद दिलचस्प है। कहा जाता है कि कोल्हापुर में महालक्ष्मी मंदिर के निर्माण के लिए पत्थरों को इस स्थान से लिया गया था इसलिए महालक्ष्मी मंदिर के निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले पत्थरों की खदानों के कारण झील तैयार हो गई। १०७ हेक्टेयर के बड़े दायरे में पैâली इस विशाल एवं गहरी झील में अक्सर फिल्मों की शूटिंग होती रहती है।
अन्य आकर्षण
महालक्ष्मी मंदिर- कोल्हापुर अपने प्रसिद्ध मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां छोटे-बड़े कई मंदिर हैं। इन्हीं में से एक है महालक्ष्मी मंदिर, जो समृद्धि की देवी महालक्ष्मी को समर्पित है, जिसे अंबा देवी भी कहा जाता है। चालुक्य शासनकाल के तहत ७वीं शताब्दी के दौरान निर्मित, मंदिर उत्कृष्ट जटिल नक्काशी और मूर्तियों से बना है और इसमें विभिन्न वास्तुशिल्प शैलियों के साथ-साथ शिव, गणेश, विष्णु और अन्य हिंदू देवताओं की छवियों का प्रदर्शन करनेवाला एक परिसर है।
राधागढ़ वन्यजीव- राधागढ़ वन्यजीव अभयारण्य या दजीपुर वन्यजीव अभयारण्य महाराष्ट्र में घोषित पहला वन्यजीव अभयारण्य होने के लिए जाना जाता है। इसे बाइसन अभयारण्य के रूप में जाना जाता है क्योंकि गौर या भारतीय बाइसन २०१४ की लगभग १,०९१ की जनसंख्यावाले क्षेत्र की प्रमुख प्रजाति है।
छत्रपति शाहू संग्रहालय- छत्रपति शाहू संग्रहालय यहां का सबसे प्रसिद्ध संग्रहालय है। इसे १८८३ में बनाया गया। यह महाराष्ट्र में अपने वास्तुकला के लिए जाने जानेवाली सबसे प्रसिद्ध संरचनाओं में से एक है। संग्रहालय में युद्ध कलाकृतियों, चित्रों, मूर्तियों, पत्थर की नक्काशी और गहने का एक सुंदर संग्रह है। छत्रपति शाहू संग्रहालय की वास्तुकला शैली को जैन धर्म और हिंदू धर्म के सामूहिक प्रभाव के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
ऐसे पहुंचें रैंकला झील
कोल्हापुर में सड़क, वायु और रेलवे के माध्यम से महाराष्ट्र के सभी महत्वपूर्ण शहरों में अच्छी कनेक्टिविटी है।
सड़क मार्ग- मुंबई व महाराष्ट्र के सभी प्रमुख शहरों से राज्य परिवहन और निजी बसों की नियमित सेवा कोल्हापुर के लिए उपलब्ध है। आप निजी वाहनों से भी यहां पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग- कोल्हापुर रेलवे स्टेशन (५ किमी) झील तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से ऑटो-रिक्शा उपलब्ध रहते हैं।
वायु मार्ग- कोल्हापुर हवाई अड्डा रैंकला तालाब के नजदीकी हवाई अड्डा है। यह झील से १७ किलोमीटर दूर है।