मातम में बदली खुशी, शिवड़ी सड़क हादसा

घर आए मेहमान को टैक्सी तक छोड़ने गए परिवार की खुशियां रविवार को मातम में बदल गर्इं, जब एक लापरवाह मारुति चालक ने अपनी अनियंत्रित गाड़ी से उस परिवार के छ: लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में कार चालक और उसकी पत्नी तो बच गए पर इस परिवार की सारी खुशियां लुट गर्इं। इस दुर्घटना में दो लोगों की मृत्यु हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
बता दें कि शिवड़ी के जकेरिया बंदर रोड पर रविवार को एक मारुति अर्टिगा के चालक ने अपना नियंत्रण खोकर एक ही परिवार के छ: लोगों को टक्कर मार दी। पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार से मिलने शनिवार को उनके घर गया था। रविवार को जब परिवार वापस लौट रहा था तो उनके रिश्तेदार साथ में ही थे। इस घटना में गौरी महेश मांडवकर अपने बेटे, अपनी बहन के बेटे और अपनी भाभी व उसके दो बच्चों के साथ थी। परिवार ने दो बेटों को खो दिया जबकि गौरी के खुद के बेटे की हालत नाजुक है।
गौरी के पति महेश मांडवकर का कहना है कि एर्टिगा चालक और उसकी पत्नी की लापरवाही ने उनके परिवार की खुशियां मातम में बदल दी। सोमवार को केईएम अस्पताल और आर.ए.के.मार्ग पुलिस स्टेशन के सामने मृतकों के दोस्तों ने जमकर हंगामा किया। हादसे में दोस्तों और परिवार ने मृतक कल्पेश प्रकाश घरसे (२५) का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। दोस्तों का कहना था कि जब तक इस बेगुनाह परिवार को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करने देंगे।
 दो दिन पहले आया था रिजल्ट
इस हादसे में रविवार को दर्पण दीपक पाटील की मृत्यु हो गई। दर्पण का परीक्षा परिणाम दो दिन पहले ही आया था। दर्पण ६२ प्रतिशत के साथ अपनी दसवीं की परीक्षा में उत्तीर्ण भी हुआ था। दर्पण की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
 कार चालक की जान को खतरा
पीड़ित परिवार के दोस्तों द्वारा किए गए प्रदर्शन से पुलिस ने कार चालक शहबाज इलियास वाड़ी और उसकी पत्नी की जान को खतरा बताया। पुलिस केईएम अस्पताल में आरोपी और उसकी पत्नी की सुरक्षा इंतजाम के लिए तैनात थी।