" /> माता अन्नपूर्णेश्वरी का शुरू हुआ 17 दिवसीय महाव्रत, 20 दिसंबर को होगा उद्यापन

माता अन्नपूर्णेश्वरी का शुरू हुआ 17 दिवसीय महाव्रत, 20 दिसंबर को होगा उद्यापन

धन-धान्य की देवी माँ अन्नपूर्णा का 17 दिवसीय महाव्रत शनिवार से प्रारम्भ हो गया है । इस महाव्रत में 17 धागे 17 दिन व 17 गांठ का बड़ा ही महत्व है। इस महाव्रत में व्रती 17 दिन तक अन्न का त्याग करते हैं। फलाहार भी एक ही वक्त बिना नमक का खाया जाता है। व्रत का उद्यापन 20 दिसंबर को होगा। महंत रामेश्वरपुरी ने सविधि 17 गांठों वाले धागे का पूजन कर भक्तों को धागा दिया। पवित्र धागे को प्राप्त करने के लिए भक्तों की लंबी कतार सुबह से ही मंदिर परिसर में लग गई थी।

इस व्रत के माहात्म्य को बताते हुए उपमहंत शंकरपुरी ने बताया कि इस व्रत को करने से जीवन मे कभी कोई कष्ट नहीं आता है और जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है। व्रत समापन के दिन व्रती मां के दरबार मे अपने मन्नतों के अनुसार कोई 51 तो कोई 101 फेरी लगाता है। उद्यापन के दिन पूर्वांचल के किसान भी अपनी पहली फसल की धान की बाली मां को अर्पित करते है। उस दिन पूरे मंदिर प्रांगण को धान की बालियों से सजाया जाएगा। जिसके बाद दूसरे दिन यानी 21 दिसंबर को इन बालियों को प्रसाद रूप मे भक्तो में वितरित किया जाता है।