" /> मानव गिरोह के चुंगल से रेस्क्यू कराए गए बंधक बच्चे

मानव गिरोह के चुंगल से रेस्क्यू कराए गए बंधक बच्चे

-महिला आयोग और दिल्ली पुलिस ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू 
-कई दिनों के भूखे-प्यासे बच्चे प्लेसमेंट एजेंसी में थे बंधक

दिल्ली में मानव तस्करी का एक मामला सामने आया है। विभिन्न राज्यों से कुछ बच्चों को घुमाने के बहाने दिल्ली लाया गया फिर उन्हें बेचने के उद्देश्य से एक जगह बंधक बनाकर रखा। तस्करों ने बच्चों को एक प्लेसमेंट एजेंसी में रखा था। उन्हें आजाद कराने के लिए एक रेस्क्यू टीम वहां पहुंची। कई घंटों की कोशिश के बाद रेस्क्यू टीम ने बंधक बने सात बच्चों को सकुशल मानव तस्करों के चुंगल से मुक्त कराया। बता दें, शाम के वक़्त आयोग की हेल्पलाइन नंबर पर किसी व्यक्ति ने कॉल करके बताया कि एक प्लेसमेंट एजेंसी में कुछ बच्चों को अवैध रूप से रखा हुआ है। सूचना पर आयोग की टीम पुलिस फोर्स के साथ बताए पते पर पहुंची। रात हो जाने के चलते मकान बंद था। रेस्क्यू टीम ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। फिर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। टीम अंदर दाखिल हुई तो देखा वहां सात छोटे बच्चे डरे-सहमे बैठे थे, कई दिनों के भूखे होने के कारण ज़्यादा बोल भी नहीं पा रहे थे। सबको एक साथ बाहर निकाला।रेस्क्यू टीम ने बच्चों के साथ आरोपी प्लेसमेंट एजेंसी की मालकिन को भी दबोचा। गिरफ्तार करके उसे निहाल विहार पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं उनके संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। बंधक से छुड़ाए गए बच्चों में ज्यादातर अनाथ हैं जिन्हें मानव गिरोह के लोग दिल्ली में घुमाने और पढ़ाई कराने का झांसा देकर लाए थे। बंधक बनाने वाली आरोपी महिला का पति बलात्कार के मामले में पहले से ही जेल में बंद है। वह कई वर्षों से इस कृत्य में सक्रिय बताई गई है। वह बच्चों को दिल्ली लाकर अपनी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए बेच देती थी। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों की मेडिकल जांच करवाने के बाद उन्हें शेल्टर होम में भेज दिया गया है। आयोग की अध्यक्षता स्वाति मालीवाल ने बताया कि उनके पास ऐसी खबरें हैं कि प्लेसमेंट एजेंसी के नाम पर दिल्ली में मानव तस्करी के कई और रैकेट चलाए जा रहे हैं। गांवों से बच्चों को बहला फुसलाकर दिल्ली लाया जा रहा है और उन्हें घरों पर काम पर लगाया जाता है या फिर बेच दिया जाता है।