मामला ‘राजद्रोह’ का कांग्रेस में बढ़ी कलह, राहुल से कई बड़े नेता नाराज

२०१९ लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। न्याय, किसान बजट, महिला आरक्षण सहित विभिन्न घोषणाओं के जरिए कांग्रेस आम जनता का हाथ थामने की कोशिश में है लेकिन इसी घोषणापत्र में कांग्रेस ने देशद्रोह कानून बदलने की बात करके सिर्फ भाजपा को हमलावर होने का मौका दिया है, बल्कि कांग्रेस के अंदर भी इस पर दो फाड़ हो गया है।

लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में देशद्रोह कानून का जिक्र कर कांग्रेस फंसती नजर आ रही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस देश के खिलाफ बात करनेवालों का साथ दे रही है। जबकि कांग्रेस की चुनौती ये है कि पार्टी के नेता अब दबी जुबान में कहने लगे हैं कि भाजपा को बैठे बिठाए इसका सियासी फायदा हो सकता है। पार्टी के कई नेता अब दबी जुबान में इसके लिए पी. चिदंबरम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी मानना था कि जब भाजपा राष्ट्रवाद को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाना चाह रही है ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे से छेड़छाड़ नहीं करना ही समझदारी थी, वहीं यूपीए सरकार में विदेश मंत्री रहे एसएम कृष्णा ने भी कहा है कि वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चुनौतियां हैं, उसको देखते हुए इस कानून में बदलाव खतरनाक होगा। कांग्रेस की दलील है कि ये अंग्रेजों के जमाने का कानून है और समय के साथ इसमें बदलाव जरूरी था। साथ ही पार्टी का आरोप है कि पिछले पांच सालों में मोदी सरकार ने इस कानून की आड़ में प्रâीडम ऑफ स्पीच को दबाने और लोगों को प्रताड़ित करने का काम किया है।