मालिक की अंतिम यात्रा में साथ रहा श्वान

`तेरी मेहरबानियां’ इस चर्चित फिल्म का नजारा कल अंधेरी में देखने को मिला। जब एक मालिक की अंतिम यात्रा में उनका वफादार श्वान (कुत्ता) लक्की भी पहुंचा था। इस दृश्य को देखकर कल सैकड़ों लोगों की आंखें भर आर्इं। गत बुधवार की रात ८ बजे अंधेरी गुंदवली के समाजसेवक दिलीप कथूरे की हृदय गति रुक जाने के कारण अचानक मौत हो गई। इस मौत के बाद इलाके के लोगों के साथ-साथ एक और भी था, जिसे अपने उस मालिक के जाने की भनक लग गई थी वह था लक्की नाम का कुत्ता। जिसके हाथों वह रोज खाना खाता था, शुक्रवार को दिलीप (दादा) की शव यात्रा निकलने को तैयार थी। इलाके के साथ-साथ ही दादा का अपना दोस्त उनका कुत्ता लक्की शव यात्रा की वैन पर जाकर बैठ गया और गुंदवली से लेकर पारसीवाड़ा श्मशान भूमि तक वह वैन में ही बैठा रहा, उसकी आंखें नम थीं और वह अपने मालिक को भाव-भीनी विदाई देकर ही लौटा उन सारे लोगों की तरह जो अपना रिश्ता निभाने उस अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। दोनों का प्यार देखकर सभी की आंखों में आंसू आ गए।