" /> माल ढुलाई की विश्वसनीय सेवा ‘एसटी’ : लालपरी का ‘संजीवनी’ रूप

माल ढुलाई की विश्वसनीय सेवा ‘एसटी’ : लालपरी का ‘संजीवनी’ रूप

– मालगाड़ी बस के 543 फेरे
– 3,000 हजार टन की माल ढुलाई
– 90,000 किमी की यात्रा
– 21 लाख रुपए की आय

राज्य के प्रत्येक मंडल में 330 बसों को 10 मालवाहक बसों में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है और अब तक 72 बसों को माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया है।
एसटी कॉर्पोरेशन में पहले से ही 300 मालवाहक बसें (ट्रकों में परिवर्तित) कार्यरत हैं। इसका मतलब है कि वर्तमान में 372 बसें माल ढुलाई के लिए उपलब्ध हैं और लालपरी जो कि आम जनता के लिए एक जीवन रेखा के रूप में लोकप्रिय है, अब माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई छलांग लगा रही है।
विश्वसनीयता और सुरक्षा के दो प्रमुख कारकों के कारण, राज्य भर में एसटी मालवाहकों की संख्या बढ़ रही है और इसलिए एसटी महामंडल को भी राजस्व में वृद्धि के रूप में नई संजीवनी मिल रही है। 21 मई से 543 राउंड के माध्यम से राज्य भर में 3,000 टन माल राज्य के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम एसटी ने किया है। इसलिए, इन वाहनों ने 90,000 किमी की यात्रा की है और महामंडल को 21 लाख रुपए की आय भी हुई है।
आम आदमी की सेवा के लिए हमेशा तैयार एसटी महामंडल की बसों को राज्य की जीवन रेखा के रूप में देखा जाता है। एसटी बसों, जिन्हें सम्मानपूर्वक गांव में एसटी के रूप में संदर्भित किया जाता है, राज्य के 5 लाख से अधिक उत्तर भारतीय लोगों को लॉकडाउन के दौरान उनके राज्यों की सीमाओं तक ले गईं। इन बसों ने 152 लाख किमी की यात्रा की। आम आदमी की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहनेवाली लाल परी यात्रियों के साथ अब माल ढुलाई में पदापर्ण कर रही है, जिसका लाभ कोरोना काल में अधिक हुआ है। एसटी का रुका चक्का माल ढुलाई के लिए राज्य भर में दौड़ा।

पुरानी एसटी बसों में परिवर्तन
एसटी महामंडल पुरानी एसटी बसों को आवश्यकतानुसार संशोधित करके अपनी बसों से वाणिज्यिक रूप में माल दुलाई के लिए परिवर्तित कर रही है। यात्री वाहनों की आंतरिक संरचना को संशोधित करके माल ढुलाई के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जो निर्धारित जीवनकाल (6.5 लाख किमी और 10 वर्ष पूरा) पूरा कर चुके हैं। 18 मई, 2020 को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद रत्नागिरी से बोरीवली के लिए आम की पेटियां भेजकर मालवाहक बस का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात, खाद्यान्न, बीज, उर्वरक, सब्जियां, कृषि उत्पादों के साथ-साथ लोहे की पाइप, पेंट के डिब्बे इत्यादि को राज्य के विभिन्न हिस्सों से एसटी के माध्यम से ले जाया जा रहा है।

माल ढुलाई को समर्थन
राज्य में एसटी महामंडल के 250 डिपो हैं। ये डिपो लगभग हर तालुका में काम कर रहे हैं। इसके अलावा 31 मंडल कार्यालय, 33 मंडल कार्यशालाएं, महामंडल का एक बड़ा विस्तार भविष्य के एसटी माल दुलाई का समर्थन करेगा। इसके अलावा माल ढुलाई वाहनों के लिए प्रत्येक जिले में माल वाहक स्वतंत्र कक्ष का निर्माण किया जाएगा। उसके माध्यम से एमआईडीसी, कारखाने, लघु उद्योग के व्यापारियों से संपर्क करके उनके मालों की ढुलाई आदि की जाएगी। पुणे, नासिक, सातारा, सांगली, जलगांव, गडचिरोली, रत्नागिरी व कोल्हापुर के जिले माल ढुलाई के क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में हैं। भविष्य में एसटी माल वाहन ढुलाई को अच्छा प्रतिसाद मिलेगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है।