माहिम से होगी समुद्री सुरक्षा

देश की समुद्री सुरक्षा को चाकचौबंद करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय नौसेना को अत्याधुनिक जहाजों और पनडुब्बी से लैस कर रही है। दूसरी ओर मुंबई के समुद्री तटों को भी सुरक्षा का कवच पहनाया जा रहा है। समुद्री मार्ग से पाकिस्तानी आतंकी मुंबई में आकर २६/११ जैसी आतंकी हमले की पुनरावृत्ति न करने पाएं इसके लिए मुंबई पुलिस धीरे-धीरे समुद्री किनारों पर सुरक्षा के कवच तैयार कर रही है। इसी कड़ी में माहिम बीच पर समुद्री सुरक्षा मुख्यालय बनाया गया है। इस मुख्यालय की मदद से मुंबई पुलिस समुद्र पर कड़ी निगरानी रखेगी। इस मुख्यालय को कार्यान्वित होने में करीब दो माह लगेंगे। वॉच टॉवर सहित दो मंजिला यह इमारत सागरी पुलिस का मुख्यालय होगा। इस मुख्यालय में तैनात अधिकारी ६०३ किमी तक पैâले मुंबई के समुद्री परिसर में हर आने-जानेवाले जहाजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्ज उक्त मुख्यालय हर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहेगा। मुख्यालय में बना कंट्रोल रूम समुद्र में पेट्रोलिंग करनेवाले सागरी पुलिस के जवानों से २४ घंटा जुड़ा रहेगा। इस मुख्यालय में राज्य खुफिया विभाग का विशेष कक्ष भी होगा। यह विभाग समुद्री सुरक्षा के अलावा समुद्री मार्ग से होनेवाली हर आतंकी गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करेगा। इस जानकारी को मुंबई पुलिस से साझा किया जाएगा। सागरी पुलिस और मुंबई पुलिस के बीच समन्वय बनाकर हर आतंकी गतिविधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। माहिम में बने समुद्री सुरक्षा मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी ५७ स्पीड बोट से लैस रहेंगे। हर बोट जीपीआरएस प्रणाली से लैस रहेगी, इससे मुख्यालय में लगे कंप्युटर स्क्रीन पर बोट के हर लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। इस मुख्यालय से पांच हजार मछुआरे और समुद्री तटों के आस-पास रहनेवाले लोगों को भी ‘सागर रक्षक दल’ के रूप में जोड़ा जाएगा। इस मुख्यालय के कार्यान्वित होने के तुरंत बाद हेल्पलाइन नंबर १०९३ को लांच किया जाएगा। इस नंबर के जरिए नागरिक सहित मछुआरे समुद्र में होनेवाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दे सकेंगे। २६/११ आतंकी हमले जैसी आतंकी घटनाओं की रोकथाम के लिए सागरी पुलिस के जवान कोस्ट गार्ड और नौसेना के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन भी कर सकेंगे।