मिट्टी में फंसी मेट्रो की रफ्तार, पुलिस ने लटकाई ७ महीने जांच

ठाणे में मेट्रो निर्माण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। मेट्रो कॉरिडोर के लिए मिट्टी की जांच होनी थी पर पुलिस ने यह जांच ७ महीने आगे खिसका दी है जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। मुंबई-ठाणे मेट्रो परियोजना के लिए कापुरबावड़ी स्थित तत्वज्ञान विद्यापीठ के समीप मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा मिट्टी का परीक्षण किया जानेवाला है। इस परीक्षण के लिए घोडबंदर मुख्यमार्ग के कुछ मीटर हिस्से का इस्तेमाल किया जानेवाला है। रास्ते के इस्तेमाल से जायज सी बात है कि कापुरबावड़ीवासियों को ट्रैफिक का सामना करना पड़ेगा। इस ट्रैफिक के कारण नासिक से मुंबई और ठाणे की ओर आनेवाले हजारों वाहनों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एमएमआरडीए को मिट्टी परीक्षण के कार्य को ७ महीने आगे ढकेलने का निर्देश दिया है।
बता दें कि एमएमआरडीए द्वारा ठाणे-मुंबई मेट्रो परियोजना ४ के लिए खुदाई के काम की शुरुआत कर दी गई है। जिस वजह से भारी ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ ही रहा था कि अब एमएमआरडीए द्वारा ठाणे से घोड़बंदर दिशा की ओर आनेवाले कापुरबावड़ी सिग्नल के समीप मिट्टी का परीक्षण किया जानेवाला है, जिसके लिए एमएमआरडीए ६ मीटर चौड़े मार्ग का इस्तेमाल करनेवाली है। इतनी भारी मात्रा में मुख्यमार्ग का हिस्सा मिलने से नासिक से ठाणे और मुंबई की ओर आनेवाले वाहनों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ेगा। कापुरबावड़ी ट्रैफिक पुलिस शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अरविंद सावंत ने बताया कि घोडबंदर रोड पर पिछले ६ से ७ महीने पहले से ट्रैफिक की समस्या हो रही हैं। ऐसे में अब एमएमआरडीए द्वारा कापुरबावड़ी पेट्रोल पंप के समीप मार्ग पर जमीन की मांग मिट्टी परीक्षण के लिए कीr गई है। इससे भविष्य में भारी ट्रैफिक की समस्या होगी इसलिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा एमएमआरडीए को मिट्टी परीक्षण के काम को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।