" /> मिताली की पीड़ा

मिताली की पीड़ा

महिला क्रिकेट टीम की शानदार कप्तान मिताली राज की पीड़ा क्या है? दरअसल उनकी जो पीड़ा है वो सिर्फ उनकी नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्थानी महिला क्रिकेट के लिए है। ३७ वर्षीया मिताली राज ने अपनी इस पीड़ा को एक वेबिनार में प्रकट किया और कहा कि महिला क्रिकेट दो साल पीछे खिसक गया। दरअसल कोरोना महामारी के कारण आए ब्रेक ने मिताली को ये कहने पर मजबूर किया कि टीम इंडिया वूमन को इस महामारी ने पीछे धकेल दिया। जो लय बनी हुई थी वो लगभग टूट गयी है और जब भी महिला क्रिकेट शुरू होगा टीम की खिलाड़ियों के लिए अपना बनाया फार्म लौटाना कठिन होगा। मिताली ने ये भी कहा कि अभी तो महिला आईपीएल को ही दो-तीन साल लगेंगे यानी हिंदुस्थानी महिलाओं के लिए क्रिकेट खेलना अभी दूर की बात है। इससे उनकी बरकरार लय तो टूटेगी ही साथ ही हौसला भी कमजोर होगा। मिताली की पीड़ा में एक बात स्पष्ट दिखी कि उन्होंने ये स्वीकार किया है कि महिलाओं की मेहनत पर पानी फिर चुका है। वो बेकार चली गई है। सच भी है, लॉकडाउन में अभ्यास कठिन और मैदान पर क्रिकेट नहीं तो फार्म बिगड़ना आम बात है। अभी महिला क्रिकेट की शुरुआत कब होगी, ये भी पूरी तरह से तय नहीं है। यानी पुरुषों के मुकाबले महिला खिलाड़ियों को इंतजार ज्यादा करना होगा।