मिलावटखोरों की जिंदगी जेल में बीतेगी

दूध या किसी अन्य खाद्य पदार्थ में मिलावट करनेवाले को अब जिदंगीभर जेल में सड़ना पड़ेगा। इस आशय का विधेयक कल विधानसभा में मंजूर किया गया। विपक्ष के मराठा, धनगर, मुस्लिम आरक्षण और सूखा को लेकर चल रहे हंगामे के बीच सरकार ने महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के लिए सदन में रखा। हंगामे के दौरान दूध या अन्य खाद्य पदार्थ में मिलावट करनेवाले विधेयक सहित कई विधेयक बिना किसी चर्चा के मतदान के माध्यम से मंजूर कर दिए गए। औषधिद्रव्य व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम १९४० के तहत मिलावट करनेवालों को १८६० की भारतीय दंड सहिता अधिनियम ४५ की धारा २७२ से २७६ में खाद्य पदार्थ, पेय, औषधि पदार्थ में मिलावट करने पर ६ महीने की सजा व एक हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान था। इस अधिनियम में संशोधन करके मिलावट करनेवाले को आजीवन कारावास यानी दस साल की सजा का प्रावधान विधेयक में कर दिया गया है। ऐसी जानकारी अन्न व औषधि विभाग के मंत्री गिरीश बापट ने विधेयक पर चर्चा के उत्तर में दी।