मिशन मीठी मेट्रो शुरू, टीबीएम के कलपुर्जों को जोड़ने का काम जारी

मुंबई में मेट्रो का काम प्रगति पर है। मेट्रो-३ का कुछ हिस्सा मीठी नदी के नीचे से होकर गुजरेगा। ऐसे में मेट्रो अंडर वाटर टनल के काम को २ सप्ताह बाद रफ्तार मिलनेवाली है। एमएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार मीठी नदी के २५ मीटर नीचे मेट्रो की खुदाई का काम शुरू हो जाएगा। बीकेसी से धारावी के बीच मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने नदी के नीचे १.५ किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की तैयारी कर ली है।
खुदाई के काम को जल्द शुरू करने के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के बीकेसी में लाया गया है। टीबीएम की कलपुर्जो को जोड़ने का काम जारी कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार आगामी दो सप्ताह में मशीन अपना काम शुरू कर देगी। नदी के भीतर १.५ किलोमीटर मार्ग तैयार करने में मशीन को करीब ८ महीने का समय लगेगा। मीठी नदी के नीचे ३ सुरंगें तैयार की जाएंगी, इसमें से २ सुरंगों को बनाने का काम टीबीएम की मदद से होगा जबकि एक सुरंग नेटम तकनीक से बनाई जाएगी। दो लेन का इस्तेमाल गाड़ियों को चलाने के लिए किया जाएगा, जबकि एक लेन का उपयोग गाड़ी के खराब होने की स्थिति में ट्रेन को मार्ग से हटाने के लिए किया जायेगा।
बीकेसी से धारावी के बीच अप और डाउन दोनों दिशा में भूमिगत मार्ग तैयार किया जाएगा। नेटम तकनीक से १५४ मीटर मार्ग बनाया जाएगा। इस तकनीक से खुदाई का काम मैनुअल तरीके से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नेटम तकनीक में घोड़े की नाल के आकार की सुरंग बनाई जाती है। इसमें थोड़े से भाग की खुदाई कर उसे कवर किया जाता है फिर आगे की खुदाई की जाती है। मैनुअल खुदाई के समय जमीन के ५ मीटर आगे की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं होती है इसलिए खुदाई के दौरान बेहद सावधानी बरती जा रही है। इस तकनीक से सुरंग बनाने का काम फरवरी महीने में ही शुरू कर दिया गया है। १५४ मीटर में से १७ मीटर तक खुदाई का काम पूरा कर लिया गया है।
गौरतलब है कि मेट्रो-३ के दो स्टेशनों धारावी और बांद्रा-कुर्ला (बीकेसी) के बीच मीठी नदी का १.५ किलोमीटर लंबा भाग है। इन दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए मीठी नदी के भीतर से सुरंग का निर्माण किया जाना है।
– १.५ किमी लंबी होगी सुरंग
– ८ महीने में पूरा होगा काम