मिस कॉल से माल साफ ठगों का नया ट्रेंड

ठगों ने अब अफना ट्रेंड बदल लिया है। अब ठग बैंक या मोबाइळ कंपनी का अधिकारी बनकर ठहींम ठग रहे हैं वे सिर्फ मिस कॉल करके ही आपके खाते में जमा माल साफ कर रहे हैं। इस नई तकनीक को कार्ड स्वाइप प्रâॉड कहते हैं। माहिम निवासी एक कपड़ा व्यवसायी इसका ताजा शिकार बने हैं। आधी रात के समय उनके मोबाइल फोन पर ६ मिस कॉल आए थे और उसके बाद उनका मोबाइल नंबर बंद हो गया था। ठगी की आशंका से ग्रस्त व्यवसायी जब बैंक में पहुंचे तो उनके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। क्योंकि ठगों ने उनके खाते में जमा १करोड़ ८६ लाख रुपए पर हाथ साफ कर लिया था।
बता दें कि २८ दिसंबर की सुबह में माहिम निवासी विमल जैन (काल्पनिक नाम) का मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया था। मोबाइल कंपनी में संपर्क करने पर पता चला कि उन्होंने २७ दिसंबर की रात ११.१५ बजे के करीब नए सिम कार्ड के लिए आवेदन किया था इसलिए उनका पुराना सिम कार्ड बंद करके नया सिम जारी कर दिया गया था। फोन नंबर की जांच करने पर पता चला कि विमल के फोन पर २७ दिसंबर, २०१८ की रात ११ बजे से २ बजे की बीच ६ मिस कॉल आए थे। इमें से एक फोन कॉल इंग्लैंड के कोड नंबर से आया था। किसी ऑन लाइन प्रâॉड की आशंका से ग्रस्त विमल जब अपने बैंक पहुंचे तो पता चला कि रात ११ से २ बजे के बीच के ३ घंटों में उनके खाते से १.८६ करोड़ रुपए निकल चुके थे, जो कि देशभर के १४ अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर किए गए थे। हालांकि बैंक अधिकारियों की तत्परता से २० लाख रुपए तो वापस मिल गए लेकिन ठग पहले ही अपने खातों से भी बाकी रकम निकाल चुके थे। इस बारे में साइबर अपराध विशेषज्ञोें का कहना है कि यदि आधी रात में आपके मोबाइल फोन पर मिस कॉल आए खासकर उस नंबर पर जो आपके बैंक एकाउंट से लिंक हो तो सावधान हो जाएं। हो सकता है साइबर के सेंधमार आपके खाते में हाथ साफ करने की तैयारी कर रहे हों और अगले एक दो घंटों में आपके खाते में जमा रकम साफ हो सकती है। आमतौर पर ये कॉल आधी रात के बाद ही किए जाते हैं तथा इसमें विक्टिम को अक्सर (+ ४४), (+ २५७), (+२५७), (+२६५), (+९२), (+७), (+२३४) और (+२१६) से शुरू होनेवाले अंतरराष्ट्रीय नंबरों से फोन कॉल आते हैं।