मीरा-भाइंदर की जलापूर्ति हो सकती है ठप, अधिकारी-कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मीरा-भाइंदर मनपा के जलापूर्ति जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को चुनाव कार्य का जिम्मा सौंप दिया गया है, जिससे पानी आपूर्ति ठप होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में मनपा के जल विभाग में एक उपअभियंता और चार कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं।
जल विभाग के विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंताओं को विभाजित कर दी गई है। इन्हीं अभियंताओं को ही इस विभाग की सभी जानकारियां हैं। इन सभी के कार्यों पर उपअभियंता के माध्यम से नजर रखी जाती है लेकिन इस विभाग के एकमात्र उपअभियंता, चार कनिष्ठ अभियंता और दस लिपिकों को चुनाव का कार्य सौंप दिया गया है। मीरा-भाइंदर शहर को शहाड, टेमघर और शीलफाटा से पानी आपूर्ति की जाती है। कई बार कई स्थानों पर पानी की पाइप लाइन में लीकेज की समस्या आती रहती है जिससे इन स्थानों पर प्रत्यक्ष जाकर पाइप लाइन की देख-रेख इन अभियंताओं को करनी पड़ती है। दूसरी तरफ मीरा-भाइंदर शहर में ३० प्रतिशत पानी की कटौती चल रही है, जिससे लोगों को ४८ से ५२ घंटों पर जलापूर्ति होती है। पहले से ही जल विभाग नागरिकों की नाराजगी को झेल रहा है। लोगों की समस्याओं का निराकरण करने, टैंकर द्वारा जलापूर्ति करने में विभाग को काफी कसरत करनी पड़ती है। ऐसे समय में विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारियों को चुनाव की जिम्मेदारी दिए जाने से जलापूर्ति का कार्य ठप पड़ने के आसार हैं।