मीरा-भाइंदर में दम तोड़ती ‘आरटीई’

आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च दर्जे का शिक्षण मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने ‘शिक्षा का अधिकार’ (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रवेश प्रक्रिया को मीरा-भाइंदर में उचित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। इस वर्ष स्कूलों में प्रवेश के लिए मात्र १६० आवेदन ही शिक्षा विभाग को प्राप्त हुए, जिनमें से ७० पात्र विद्यार्थियों के आवेदन मान्य किए गए हैं। इस योजना का अत्यल्प प्रतिसाद मिलने में ठाणे जिले में मीरा-भाइंदर दूसरे क्रमांक का शहर सिद्ध हुआ है। इस योजना का सबसे कम प्रतिसाद मुरबाड़ में मिला, जहां सिर्फ ५१ आवेदन ही प्रवेश के लिए प्राप्त हुए और सर्वाधिक प्रतिसाद अंबरनाथ शहर को मिला, जहां १ हजार १२४ आवेदन प्राप्त हुए।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश देने के लिए मीरा-भाइंदर शहर में ९१ स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें दुर्बल घटक के विद्यार्थियों के लिए १ हजार ३१४ जगह आरक्षित रखी गई हैंै।
इस योजना को उचित प्रतिसाद नहीं मिलने के पीछे इस योजना की जानकारी सर्व साधारण जनता तक नहीं पहुंचाने तथा योजना के बारे में जानकारी देने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने के आरोप किए जा रहे हैं, वहीं मीरा-भाइंदर मनपा के शिक्षा विभाग का कहना है कि इस योजना की जानकारी सर्वत्र पहुंचाई गई है लेकिन कई पालकों के पास प्रवेश के लिए आवश्यक कागज-पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं दी जा सकी।

योजना की जानकारी जनता तक नही पहुंच रही
स्कूलों में प्रवेश के लिए मात्र १६० आवेदन प्राप्त
कम आवेदन प्राप्त करने में जिले में दूसरे क्रमांक पर मीरा-भाइंदर