मुंबई का ‘क्यूट ऑटो’!, ऑटो रिक्शा को रिप्लेस कर सकता है बजाज

मुंबई की सड़कों पर दौड़नेवाले ऑटो रिक्शा जल्दी ही इतिहास बन सकते हैं। कुछ दिनों बाद टाटा नैनो से भी छोटी कार सड़कों पर नजर आ सकती है। यह कार टाटा नैनों से भी छोटी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो निकट भविष्य में मुंबई की सड़कों पर यह ऑटो को रिप्लेस करेगी। नैनो से भी छोटी ‘क्यूट’ नामवाली इस क्यूट कार को बजाज ने बनाया है। यह छोटी कार सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चलेगी। देश में इसे यात्री कार व निजी कार दोनों श्रेणी में इस्तेमाल किया जा सकती है। ऑटोमोबाइल बाजार के अनुसार यह वाहन ऑटो और कार के बीच की श्रेणी का है और इसे ‘क्वाड्रीसाइकल’ कहा जाता है।
पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार तरह-तरह के प्रयोग अमल में ला रही है। इसी के तहत अब क्वाड्रीसाइकल श्रेणी की एक कार लॉन्च की जा रही है जिसका नाम है ‘क्यूट।’ नैनो से भी छोटी यह कार सड़क पर आने के बाद सीन बदल देगी क्योंकि इसमें ४ आदमी आराम से बैठ सकते हैं और यह काफी कम जगह में घूम सकती है। पहले गांव-शहरों में डीजल पर गाड़ियां चलती थीं जिससे पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर अधिक बढ़ता था लेकिन पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने की इस पहल के बाद सरकार साइकिल-रिक्शा व इलेक्ट्रिक रिक्शा को बाजार में ले आई। इससे पहले के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी जरूर आई लेकिन सरकार का मिशन पर्यावरण को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त करने के लिए हरसंभव नए-नए विकल्प खोजना है। मुंबई-ठाणे शहर में ऑटोरिक्शा की संख्या १.९५ लाख है। तिपहिया ऑटोरिक्शा को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक भी माना जाता है क्योंकि ऑटोरिक्शा के पीछे का हिस्सा पूरा बंद रहने से पीछे से आनेवाले वाहन ठीक से नहीं दिखते। ऐसे में माना जा रहा है कि ऑटो निर्माता कंपनी बजाज अपनी ‘क्यूट’ को व्यावसायिक नजरिए से बनाकर बाजार में उतरने की तैयारी में है। ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ जितेंद्र गुप्ता का कहना है कि बजाज यदि कमर्शल और पर्सनल उपयोग के लिए ‘क्यूट’ को मार्वेâट में उतार रही है तो इसका स्वागत है। यदि सरकार इसे ऑटोरिक्शा की जगह पर रिप्लेस करती है तो मुंबई की तस्वीर ही बदल जाएगी। गुप्ता का कहना है कि तिपहिया ऑटो में कई खामियां हैं। ऑटो ड्राइवर कई बार कम जगहों में कट मारकर अपना रिक्शा निकालते हैं, अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा बारिश के दिनों में ऑटो में पानी आने की जो परेशानी रहती है वह ‘क्यूट’ कार से दूर हो जाएगी क्योंकि इसके दरवाजे बंद रहेंगे। इसके अलावा यदि सरकार इसमें एसी लगाने को मान्यता दे देती है तो इस कार का बाजार में सफल होना मुमकिन है। माना जाता है कि पेट्रोल कार होने के चलते नैनो मार्वेâट में सफल नहीं हो पाई थी।
मुंबई रिक्शामेंस युनियन के लीडर थम्पी कुरियन का कहना है कि ऑटोरिक्शा के मुकाबले कोई भी गाड़ी सुविधा नहीं दे सकती है। ऑटोरिक्शा में दरवाजा न होने से ट्रैफिक समस्या पैसेंजर के उतरते समय नहीं होती है। यदि ‘क्यूट’ को सरकार ऑटोरिक्शा की जगह रिप्लेस करती है तो उसमें पीछे स्लाइडिंग डोर, ओमिनी कार की तरह सीटिंग अरेंजमेंट उल्टा रहना चाहिए आदि बदलाव करने होंगे।
२०१२ में आई थी
‘क्यूट’ को वर्ष २०१२ और साल २०१६ में ऑटो एक्सपो में पेश किया गया था। उस समय इसको आरई६० कोड नाम से प्रदर्शित किया गया था। हालांकि हिंदुस्थान में काफी समय से बननेवाली छोटी गाड़ियों को देश में यातायात नियमों की वजह से अभी तक लॉन्च नहीं किया गया था। अब नए नियम बनने के बाद इसे बाजार में उतारा जा रहा है।
‘क्वाड्रीसाइकिल’
‘क्वाड्रीसाइकिल’ नाम से देश में गाड़ियों के एक नई श्रेणी बनाने को लेकर साल २०१८ में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मंजूरी दी। इस श्रेणी के बनने के बाद बजाज ‘क्यूट’ अब भारतीय सड़कों पर चलने के लिए कानूनी रूप से स्वीकृत है।
४०० किलो वजन
बजाज ‘क्यूट’ की लंबाई २,७५२ मिमी, चौड़ाई १,३१२ मिमी और ऊंचाई १,६५२ मिमी है। इसका व्हीलबेस १,९२५ मिमी दिया गया है। क्यूट का टर्निंग रेडियस सिर्फ ३.५ मीटर का है। इसकी वजह से ये गाड़ी भीड़-भाड़वाले इलाकों में काफी उपयोगी साबित होगी। इस गाड़ी का वजन महज ४०० किलो है जबकि ‘क्यूट’ में दो आगे और दो लोग पीछे बैठ सकते हैं।