मुंबई का राजा शिवसेना, बढ़ा मतदाताओं का साम्राज्य

मुंबई यानी शिवसेना! मुंबई या मुंबईकरों पर जब भी कोई आफत या परेशानी आई है तो मुंबईकर को एक ही उम्मीद नजर आती है, शिवसेना। इसलिए मनपा का, विधानसभा का या लोकसभा का चुनाव हो शिवसेना के प्रति मुंबईकरों ने सदा अपना प्यार दर्शाया है। इस बार भी मुंबईकरों ने लोकसभा चुनाव में शिवसेना प्रत्याशियों की झोली में जमकर वोटों की बरसात की। २०१४ की तुलना में इस बार मुंबईकरों ने अपना प्यार ज्यादा दर्शाया है यानी मतदाताओं का साम्राज्य ही नहीं बढ़ा है बल्कि एक बार फिर साबित हो गया है कि मुंबई का राजा शिवसेना ही है। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस लोकसभा चुनाव में शिवसेना के मतों का प्रतिशत बढ़ा है। इस लोकसभा चुनाव में मुंबई में शिवसेना को मिले मतों के आंकड़ों का आकलन करें तो पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस लोकसभा चुनाव में शिवसेना के मतों का प्रतिशत औसतन ५ से सात प्रतिशत से बढ़ा है।
बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में मुंबई के सभी विपक्षी दल एक साथ होकर चुनाव लड़े हैं, इसके बावजूद शिवसेना इन पर भारी साबित हुई है। इसकी वजह मतदाताओं का शिवसेना के प्रति बढ़ता जनाधार बताया जाता है। पिछले लोकसभा चुनाव में दक्षिण मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना प्रत्याशी अरविंद सावंत का मतों का प्रतिशत ४८.०४ था यानी उन्हें ३,७४,६०९ वोट मिले थे। इस लोकसभा चुनाव में मतों के प्रतिशत का ग्राफ ४.६० प्रतिशत से बढ़कर ५२.०४ प्रतिशत तक पहुंच गया। अरविंद सावंत को मिले मतों में इस बार ४७,३२८ मतों का इजाफा हुआ। अरविंद सावंत का २०१४ के लोकसभा चुनाव में ३,७४,६०९ वोट मिले थे जबकि इस बार ४,२१,९३७ वोट मिले हैं। यही हाल दक्षिण-मध्य मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का है दक्षिण-मध्य मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के शिवसेना प्रत्याशी राहुल शेवाले के मतों का प्रतिशत ४ प्रतिशत से इस बार बढ़ा है। पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल शेवाले के मतों का प्रतिशत ४९.५६ था, जो इस वर्ष बढ़कर ५३.०३ प्रतिशत हो गया है। पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल शेवाले को ३,८१,००८ वोट मिले थे जबकि इस बार उन्हें ४,२४,९१३ वोट मिले हैं। उत्तर-पश्चिम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भी शिवसेना के प्रति मतदाताओं का जनाधार बढ़ा है। वर्ष २०१४ लोकसभा चुनाव में गजानन कीर्तिकर के मतों का प्रतिशत ५१.७७ था, जो इस लोकसभा चुनाव में बढ़कर ६०.५९ पहुंच गया है। २०१४ के लोकसभा चुनाव में कीर्तिकर को ४,६४,८२० वोट मिले थे, जो इस लोकसभा चुनाव में १,०५,२४३ मतों से बढ़कर ५,७०,०६३ तक पहुंच गया है। ठाणे और कल्याण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भी शिवसेना ठाणेकरों की पसंदीदा बनती जा रही है। शिवसेना और ठाणे का अटूट नाता रहा है। २०१४ में ठाणे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना प्रत्याशी राजन विचारे के मतों का प्रतिशत ५६.४६ था। पिछले लोकसभा चुनाव में राजन विचारे को ५,९५,३६४ वोट मिले थे, जो इस वर्ष बढ़कर ७,४०,९६९ वोट तक पहुंच गया। कल्याण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का प्यार शिवसेना के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में शिवसेना प्रत्याशी डॉ. श्रीकांत शिंदे को इस लोकसभा चुनाव में ५,५८,०२३ वोट मिले हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में श्रीकांत शिंदे को ४,४०,८५२ वोट मिले थे। आंकड़ों का आकलन करें तो श्रीकांत शिंदे के वोटों का ग्राफ एक लाख मतों से बढ़ा है। राजनीतिज्ञों की मानें तो शिवसेना के प्रति मतदाताओं में अपार श्रद्धा है। शिवसेना चुनाव के समय जो भी वचन देती है, उसे पूरा करती है। इसी वचनपूर्ति की वजह से मुंबई मनपा पर पिछले २० वर्षों शिवसेना सत्तासीन है।