मुंबई का रेल बजट

आगामी चुनाव से पहले गुरुवार को मुंबई का रेल बजट घोषित हो गया। एमयूटीपी-३ए परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित कुल १४ रेल परियोजनाओं में से १२ रेल परियोजना को केंद्र के आर्थिक मामलों की समिति ने मंजूरी दे दी। मुंबई रेल विकास निगम द्वारा प्रस्तावित एमयूटीपी-३ए के तहत कुल ५४,७७७ करोड़ रुपए की परियोजनाओं में से महज ३०,८४९ करोड़ रुपए की परियोजनाओं को ही मंजूरी मिली है। जिससे मुंबई के उपनगरीय रेल परियोजनाओं को रफ्तार मिल गई है। मुंबई की जनसंख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसे में यात्री संख्या का भार मुंबई की लाइफलाइन कहीं जानेवाली लोकल ट्रेन पर अधिक हो गया है। लोकल और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों का एक ही मार्ग होने से रेल सेवाएं प्रभावित भी हो रही हैं, ऐसे में पश्चिम रेलवे में बोरीवली से विरार पांचवीं-छठी लाइन का निर्माण, हार्बर लाइन का बोरीवली तक विस्तार सहित वसई-दिवा कॉरिडोर का विस्तार पनवेल-विरार कॉरिडोर में किए जाने से मुंबई के उपनगरीय रेल की रफ्तार और तेज हो जाएगी।

हार्बर विस्तार से अंधेरी-बोरीवली की भीड़ होगी काम
अंधेरी और बोरीवली के बीच सबसे ज्यादा लोग यात्रा करते हैं। बोरीवली स्टेशन से रोजाना लगभग ३ लाख लोग यात्रा करते हैं। इनमें से तकरीबन ५० हजार यात्री मध्य रेलवे के होते हैं। हार्बर लाइन के बोरीवली तक विस्तारण से एक लाख यात्रियों को एक और विकल्प मिल जाएगा और पश्चिम रेलवे की मौजूदा उपनगरीय ट्रेनों का बोझ कम होगा। हाल ही में अंधेरी से गोरेगांव तक हार्बर लाइन के विस्तारण के बाद इन दो स्टेशनों के बीच पश्चिम रेलवे की उपनगरीय ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम हुई है।
एलिवेटेड कॉरिडोर पर होगा पुर्नविचार
एमयूटीपी-३ए के अंतर्गत प्रस्तावित १४ रेल परियोजनाओं में से जिन दो परियोजनाओं को केंद्र के आर्थिक मामलों की समिति ने साइड लाइन किया है उसमें सीएसएमटी- पनवेल एलिवेटेड कॉरिडोर और वसई-पनवेल-विरार कॉरिडोर का समावेश है। रेल अधिकारियों का कहना है कि इन दो परियोजनाओं पर पुनर्विचार किया जाएगा।
रेल्वे बोर्ड की मंजूरी का है इंतजार
मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन द्वारा एमयूटीपी प्रोजेक्ट के तहत काम किए जाने हैं। अब तक केवल एमयूटीपी-१ का ही काम पूरा हो सका है। एमयूटीपी २ और एमयूटीपी ३ के काम पूरे करने में ३ से ४ वर्ष लग सकते हैं। एमयूटीपी ३ए को फिलहाल आर्थिक समिति से मंजूरी मिली है। बोर्ड की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
यूं कट गई १९ एसी लोकल
एलिवेटेड कॉरिडोर हटाने के पीछे का कारण मेट्रो-४ कासरवडवली-ठाणे-मुलुंड-घाटकोपर-वडाला का जीपीओ तक विस्तार होना बताया जा रहा है। एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ इस परियोजना का डुप्लिकेशन हो रहा था यानी एक ही मार्ग पर दो एसी ट्रेनों (एक मेट्रो और दूसरी एसी लोकल) का परिचालन हो रहा था इसलिए एमआरवीसी को इसे रिव्यू करने के लिए कहा गया है। इसी तरह मौजूदा वसई-दिवा कॉरिडोर का विस्तार कर इसे पनवेल-विरार में शामिल कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि इन्हीं कॉरिडोर को १९ एसी लोकल देने की योजना थी, जिसकी अब जरूरत नहीं बताई जा रही है।

बोरीवली-विरार पांचवी-छठी लाइन
पश्चिम रेलवे के लिए पांचवी-छठी लाइन रेल परियोजना बहुत ही महत्वपूर्ण है। फिलहाल मुंबई सेंट्रल से बोरीवली तक पांचवी लाइन का काम पूरा है। यहां पांचवी लाइन पर अंधेरी से विरार के बीच लोकल ट्रेन भी चलती हैं। जबकि छठी लाइन का काम अभी अपने शुरुआती चरण में है। रेलवे के अधिकारी के अनुसार छठी लाइन का काम दादर टर्मिनस से विरार के बीच कुछ जगहों पर शुरुआती चरण में है वहीं एक दशक बाद पश्चिम रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस के लिए पांचवीं लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। इस लाइन से लंबी दूरी की ट्रेनें चलेंगी। अब तक माहिम से सांताक्रुज के बीच पांचवीं लाइन का लिंक पूरा नहीं हुआ है इसके जुड़ जाने से बांद्रा से ही लंबी दूरी और लोकल ट्रेनों के लिए स्वतंत्र कॉरिडोर बन जाएगा। इससे लोकल ट्रेनों की गति भी सुधरेगी, जबकि शहर में आनेवाली लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन भी आसानी से होगा।
चल रही है तैयारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांद्रा टर्मिनस के छोर पर पांचवीं और छठी लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। विगत कुछ महीनों से यह तैयारी चल रही है। अब ट्रैक बिछाने और ओवरहेड वायर का काम बाकी है। यह काम पूरा होने के बाद मुंबई सेंट्रल से निकलनेवाली लंबी दूरी की ट्रेनें और बांद्रा टर्मिनस से छूटनेवाली लंबी दूरी की ट्रेनों का एक ही मार्ग हो जाएगा। इसी तरह छठी लाइन के लिए तकरीबन ६५० अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले दो सालों में अतिरिक्त लाइनें बिछा दी जाएंगी।
पांचवी लाइन में कब्रिस्तान बना रोड़ा
पश्चिम रेलवे द्वारा पांचवीं लाइन के लिए दस करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। बांद्रा में स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया था, उनका कहना था कि अतिरिक्त लाइन के मार्ग से कब्रिस्तान तक जाने का रास्ता रुक जाएगा। पश्चिम रेलवे द्वारा इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कई प्रयास किए गए थे। अधिकारियों ने कब्रिस्तान तक जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता देने की तैयारी की लेकिन बात नहीं बनी। अब इस पांचवीं लाइन को दूसरे तरीके से लिंक किया जा रहा है।
९१८ करोड़ की परियोजना
इस परियोजना की लागत करीब ९१८ करोड़ रुपए है। ५वीं-६ठी लाइन मुंबई अर्बन ट्रांसपॉर्ट प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके लिए अब तक १४० करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। जमीन अधिग्रहण और प्रभावितों का पुनर्वसन इस परियोजना का सबसे बड़ा रोड़ा है। फिलहाल माहिम और सांताक्रुज के बीच पांचवीं लाइन का काम प्रगति पर है। पांचवीं लाइन पर अभी अंधेरी से विरार के बीच कुछ लोकल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं।

एमयूटीपी-३ए
कुल प्रस्तावित लागत- रु. ५४,७७७ करोड़
मंजूर लागत -रु. ३३,६९० करोड़
प्रस्तावित रेल परियोजना १४
मंजूरी-१२ रेल परियोजना
कुल प्रस्तावित एसी लोकल- २१०
मंजूर- १९१ एसी लोकल
५ साल में पूरी होगी एमयूटीपी-३ए परियोजना
परियोजना की डेडलाइन- साल २०२४
पांचवी- छठी लाइन- रु. २,१८४ करोड़
बोरीवली हार्बर लाइन विस्तार- रु. ८२६ करोड़
नई लोकल ट्रेन- रु. १५,८०२ करोड़
ट्रेनों की मरम्मत-रु. २,३५३ करोड़
स्टेशनों के सुधार- रु. ९४७ करोड़
(मुलुंड, विरार, चेंबूर, जीटीबी नगर, बोरीवली, अंधेरी सहित १६ स्टेशन)