मुंबई की सड़कों पर बढ़ रहा कारों का भार, ३ साल में प्रति किमी बढ़ी १५ फीसदी कार

मुंबई में निजी कारों का आंकड़ा १० लाख के पार पहुंच चुका है। इसके साथ ही मुंबई की सड़कों पर निजी वाहनों की बढ़ती संख्या ट्रैफिक जाम का कारण बनती जा रही है। मुंबई में प्रति किमी कारों की संख्या की अगर बात करें तो यह आंकड़ा प्रति किमी ५०० कारों से अधिक है जबकि देश में प्रति किमी सबसे अधिक कार के मामले में पुणे का दूसरा स्थान आता है, जहां प्रति किमी ३५९ कारें सड़कों पर दौड़ती हैं।
बता दें कि मुंबई, देश का सबसे भीड़-भाड़ वाले कारों का शहर हो गया है। देश की राजधानी दिल्ली में २८ हजार किमी लंबी सड़कों का जाल बिछा है। दिल्ली में प्रति किमी यह आंकड़ा महज १०० कारों का है जबकि मुंबई में २ हजार किमी की सड़कों का नेटवर्क बिछा हुआ है। राज्य परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पुणे के बाद कोलकाता में प्रति किमी ३१९ कारें, चेन्नई में प्रति किमी २९७ कारें और बंगलुरू में १४९ कारें प्रति किमी है। मुंबई में सड़कों का जाल दिल्ली के मुकाबले कम है लेकिन कारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। साल २०१६ में मुंबई में प्रति किमी कारों की संख्या ४३० थी, जो अब बढ़कर ५१० हो गई है। मुंबई शहर में निजी कारों की संख्या कुल आबादी के लगभग २८ प्रतिशत है। इनमें ५ लाख पश्चिमी उपनगरों में, ३.३ लाख पश्चिमी शहर और पूर्वी उपनगरों में यह आंकड़ा १.७ लाख पंजीकृत है।