मुंबई की होंगी १० हजार आंखें!

सुरक्षा-व्यवस्था के लिहाज से मुंबई की गिनती दुनिया के टॉप शहरों में होती है। मुंबई पुलिस की मुस्तैदी के चलते लोग बेखौफ होकर जीते हैं। मुंबई की सुरक्षा-व्यवस्था अब और अधिक मजबूत हो जाएगी क्योंकि मुंबई की सुरक्षा करनेवाली आंखें अब बढ़ कर १० हजार होनेवाली हैं। मुंबई में ५,६२५ नए सीसीटीवी कैमरे लगनेवाले हैं। इस योजना पर करीब ३३२.२३ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। ये कैमरे राज्य की मुख्य सड़कों के साथ व्यस्त ट्रैफिक वाले सिग्नलों, भीड़-भाड़वाली गलियों, वीरान एवं घुमावदार रास्तों, झुग्गी-बस्तियों एवं उन जगहों पर लगाए जाएंगे जहां सड़क हादसे तथा चेन स्नैचिंग की घटनाएं अधिक होती हैं। मुंबई की सड़कों पर पहले ही ४,७१७ कैमरे लग चुके हैं। इन वैâमरों से रेस ड्रायविंग, स्टंटबाजी, ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करनेवालों पर नकेल कसने, साथ ही रोड रेज, सड़कों पर होनेवाली हत्या, लूट, चेन स्नैचिंग, छेड़छाड़ और चोरी जैसे मामलों में अपराधियों की धरपकड़ और सबूत जुटाने में पुलिस को सहयोग मिलता है। ५,६२५ नए कैमरे लगने से कैमरों की संख्या १०, ३४२ हो जाएगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों एवं अन्य जांच एजेंसियों की ताकत दोगुनी हो जाएगी।
कोई शहर स्मार्ट तभी हो सकता है जब वहां के बाशिंदों की जान-माल अर्थात शहर पूरी तरह सुरक्षित हो। इसके लिए शहर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरों का सुरक्षा कवच आज समय की जरूरत बन चुका है। यह बात २६/११ आतंकी हमले के बाद ही सरकार की समझ में आई। राम प्रधान कमिटी ने ६,००० वैâमरे लगाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद मुंबई में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद शुरू हुई।
इस कवायद का पहला चरण वर्ष २०१६ के अक्टूबर महीने में पूरा हुआ था। तब मुंबई में १,५१० जगहों पर ४,७१७ कैमरे लगाए गए थे, जिनमें ३,७२७ फिक्स कैमरे थे, जबकि ९७० पीडीजेड एवं २० थर्मल कैमरे शामिल थे। हालांकि इनमें कितने कैमरे फिलहाल सही ढंग से काम कर रहे हैं, कितने कैमरे अनावश्यक जगहों पर लगे हैं या कितने कैमरों से छेड़छाड़ की गई है? यह जांच का विषय हो सकता है। फिर भी इसी सप्ताह मुंबई की सुरक्षा के लिए और कैमरे लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष रखा गया था, जिसके बाद कल मंत्रिमंडल की बैठक में ५,६२५ अतिरिक्त कैमरे लगाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। इससे कैमरों की संख्या बढकर १०,३४२ हो जाएगी। इन कैमरों पर कुल १,३०३.५६ करोड़ रुपए खर्च होंगे।

मुंबई होगी सुरक्षित
५,६२५ नए कैमरे
सरकार ने किए मंजूर
३२३.२३ करोड़ खर्च

सड़कों पर अपराध
रेस ड्रायविंग
स्टंटबाजी
रोड रेज
हत्या
चेन स्नैचिंग
छेड़छाड़
चोरी