" /> मुंबई की 18 इमारतें हैं धोखादायक : म्हाडा ने जारी की 18 इमारतों की सूची

मुंबई की 18 इमारतें हैं धोखादायक : म्हाडा ने जारी की 18 इमारतों की सूची

मॉनसून से पहले हर साल की तरह इस साल भी म्हाडा ने मुंबई की सबसे खतरनाक इमारतों की सूची जारी कर दी है। सूची के मुताबिक मुंबई की 18 इमारतें धोखादायक हैं, जो कभी भी मॉनसून के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं।

ये इमारतें हैं धोखादायक
मॉनसून से पहले हर साल म्हाडा अपनी इमारतों की जांच कर खतरनाक इमारतों की सूची जारी करती है, लेकिन कोरोना के कारण इस वर्ष सूची देरी से जारी हुई है। जांच के बाद एमजी रोड की बिल्डिंग नंबर 144, एमए सारंग स्ट्रीट नागपाड़ा की बिल्डिंग नंबर 50-58, बारा इमाम रोड की बिल्डिंग नंबर 101-111और 242-244, निजाम स्ट्रीट की बिल्डिंग नंबर 74, मुंबादेवी रोड की बिल्डिंग नंबर 166 बी, संत सेना महाराज मार्ग की बिल्डिंग नंबर 237 और 239, भंडारी स्ट्रीट की बिल्डिंग नंबर 14, नानूभाई बेहरमजी रोड की बिल्डिंग नंबर 12(2) , वीपी रोड बादाम वाड़ी की बिल्डिंग नंबर 387-391, गिरगांव की बिल्डिंग नंबर 443 और खेतवाड़ी की बिल्डिंग नंबर 1 समेत अन्य पांच इमारतों को रहने के लिए अयोग्य घोषित किया है। म्हाडा प्रवक्ता के अनुसार, जल्द ही इन इमारतों के बारे में निर्णय लेकर लोगों की रहने की व्यवस्था अन्य स्थानों पर की जाएगी।

मुंबई में म्हाडा की 114 कॉलोनी
मॉनसून के दौरान हर साल कई इमारतें दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए म्हाडा द्वारा मॉनसून से पहले इमारतों का सर्वे किया जाता है। म्हाडा की मुंबई में करीब 114 कॉलोनी है। 114 कॉलोनी में 2 लाख 41 हजार 774 घर है। इसमें से कई इमारतें 40 से अधिक साल पुरानी हैं।

यहां दर्ज करें शिकायत
म्हाडा ने अपनी कॉलोनी में रहनेवाले लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर पहले ही जारी किया। इमारत से संबंधित कोई भी समस्या होने पर नागरिक हेल्पलाइन नंबर 022-23536945, 022-23517423 पर फोन कर सीधे म्हाडा से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। कोरोना के कारण सरकारी दफ्तरों में सीमित संख्या में कर्मचारी आ रहे हैं। ऐसे में म्हाडा ने सभी इंजीनियरों को ऑनलाइन और फोन पर हर वक्त उपलब्ध रहने का आदेश दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी और ठेकेदारों को तैयार रहने को कहा है। म्हाडा ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पहले ही मॉनसून पूर्व आवश्यक काम करने की अनुमति दी है। ताकि बारिश में किसी भी अप्रिय घटना के साथ ही जलभराव की समस्या से लोगों को बचाया जा सके।