" /> मुंबई के आधार कार्ड होल्डरों के फॉर्म हो रहे हैं रिजेक्ट!

मुंबई के आधार कार्ड होल्डरों के फॉर्म हो रहे हैं रिजेक्ट!

उत्तर हिंदुस्थानियों के लिए नया सिर दर्द
आप उत्तर हिंदुस्तानी हैं इसमें कोई शक नहीं, लेकिन अगर आपके आधार कार्ड पर आपका एड्रेस मुंबई अंकित है तो आपके गांव जाने का सपना अधूरा है। ऐसे लोगों का पुलिस स्टेशनों में जमा किया गया फॉर्म रिजेक्ट हो जा रहा है, जिसको लेकर परप्रांतीय मजदूर काफी परेशान हो रहे हैं और प्राय: भीड़ की शक्ल में एकजूट होकर परेशानी बढ़ा रहे हैं।
गौरतलब है कि मुंबई में रह रहे परप्रांतीय मजदूरों को उच्च स्तर पर गांव भेजने की प्रक्रिया शुरू है। हर पुलिस थाने में ऐसे मजदूर अपना-अपना फॉर्म जमा कर अपना नंबर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जबकि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उनका फॉर्म इस वजह से रिजेक्ट हुआ है क्योंकि उनके आधार कार्ड का एड्रेस मुंबई है। ऐसे कई हजार मजदूरों का फॉर्म रिजेक्ट होने से उनका गांव जाने का सपना अधूरा रह गया है। पंतनगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हर पुलिस थाने में इस काम के लिए एक अधिकारी बैठाया गया है, जो जमा हुए फॉर्म को नोडल अधिकारी के माध्यम से लिंक करके मंत्रालय व रेलवे को सूचित करता है। वहां से क्लीयर होने के बाद संबंधित मजदूर को फोन कर पुलिस स्टेशन बुलाया जाता है और बस के माध्यम से उक्त मजदूर को लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में अगर किसी के आधार कार्ड पर मुंबई का एड्रेस अंकित है तो वह फॉर्म पूरी तरह रद्द हो जाता है।शिवसेना नगरसेवक परमेश्वर कदम ने बताया कि हमने 17,500 लोगों का फॉर्म जमा किया, जिसमें से कुछ लोगों का फॉर्म इसलिए रद्द हो गया क्योंकि उनके आधार कार्ड पर अंकित एड्रेस मुंबई का था। लोग सोचते होंगे कि यहां कुछ गड़बड़ हो रहा है, जबकि यह एक सरकारी प्रक्रिया के तहत हो रहा है, जिसमें रेलवे मंत्रालय का बड़ा रोल है। पुलिस व संबंधित अधिकारी कोई कुछ नहीं कर सकता, जबकि इसके लिए केंद्र सरकार को सोचना जरूरी है।