मुंबई के गर्भ में हुई ३१ लाख मीट्रिक टन खुदाई, २४ किमी मेट्रो-३ का काम पूरा

मुंबई में मेट्रो-३ रेल परियोजना का काम काफी तेजी से चल रहा है। कुलाबा-बांद्रा- सिप्ज मेट्रो भूमिगत मार्ग ३३.५ किलोमीटर भले ही लंबा हो लेकिन इसके लिए खुदाई ५२ किमी होनी है, जिसमें से २४ किमी टनल की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। इससे अब तक मुंबई के भू-गर्भ भाग में ३१ लाख टन मैट्रिक टनल की खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

मेट्रो-३ रेल कॉरिडोर परियोजना पूरी तरह से अंडर ग्राउंड है। अब तक ४५ प्रतिशत टनल का काम पूरा हो चुका है। ३२ टीबीएम मशीन में से ९ टीबीएम मशीन ने आर-पार खुदाई कर टनल का काम पूरा कर लिया है। २३,१३६ करोड़ रुपए की लागत से बन रही मेट्रो-३ परियोजना, मुंबई शहर को पश्चिमी उपनगर से जोड़ेगी। मेट्रो-३ का पहला चरण आरे कॉलोनी से बीकेसी तक २०२१ तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है जबकि दूसरा चरण बीकेसी से कुलाबा का होगा। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक ५२ किमी टनल खुदाई के काम में से अब तक २३.६९ किमी टनल की खुदाई मार्च तक पूरी हो चुकी है। एमएमआरसीएल मेट्रो-३ टनल खुदाई का काम ७ चरणों में कर रही है। टनल का काम पूरा होने से यह एशिया का सबसे लंबा ५वां अंडर ग्राउंड टनल होगी।

जानकारी के अनुसार धारावी से अग्रीपाड़ा पैकेज ५ की ७,९९२ मीटर टनल खुदाई में से ४,७४४ मीटर टनल का काम पूरा हो चुका है। इसी तरह वरली से धारावी पैकेज- ४ के होनेवाले १०,९६० मीटर की टनल खुदाई में से ६,२६७ मीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है। मेट्रो-३ कॉरिडोर ६ बिजनेस हब से कनेक्ट होगा। इनमें शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का समावेश है। फिलहाल मुंबई में १७ टीबीएम मशीनों से मेट्रो-३ रेल मार्ग की खुदाई हो रही है।

 ४५ प्रतिशत टनल की खुदाई पूरी
 मेट्रो-३ रूट ३३.५ किमी
 पहला चरण- बीकेसी से आरे कॉलोनी
 शुरू होगा- २०२१ में
 दूसरा चरण- बीकेसी से कुलाबा
 २७ स्टेशन सिप्ज टू कोलाबा
 लागत- २३,१३६ करोड़
 १७ टीबीएम कर रही हैं खुदाई