मुंबई को मिलेगा नया कैंसर अस्पताल, नायर चला टाटा की राह

मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि जल्द ही मुंबई को नया वैंâसर अस्पताल मिलनेवाला है। यह अस्पताल मनपा द्वारा बनाया जाएगा। मुंबई सेंट्रल स्थित मनपा नायर अस्पताल में वैंâसर रोगियों के उपचार के लिए जल्द ही अलग इमारत का निर्माण किया जाएगा।
वैंâसर जैसी गंभीर बीमारी का प्रकोप मुंबई सहित पूरे देश में तेजी से बढ़ रहा है। मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल में यूपी, बिहार, असम, झारखंड, बंगाल व अन्य राज्यों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में टाटा अस्पताल पर मरीजों का बोझ बढ़ रहा है। मरीज भी क्या करें? उनके पास सस्ते उपचार के लिए बहुत कम विकल्प हैं। मुंबई के केईएम, सायन व नायर मनपा अस्पतालों में भी वैंâसर का प्राथमिक स्तर पर उपचार किया जाता है लेकिन वैंâसर रोगियों को विशेष स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए मनपा ने अब कमर कस ली है। मुंबईकरों को बेहतर वैंâसर ट्रीटमेंट के लिए वैंâसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर, जांच मशीनें व फर्स्ट क्लास उपचार के लिए नायर वैंâसर अस्पताल वरदान साबित होगा। अस्पताल के डीन डॉ. रमेश भारमल ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि मनपा ने वर्ष २०१८ में ही वैंâसर उपचार के लिए विशेष इमारत बनाने की बात कही थी। वैंâसर अस्पताल शुरू करने के पहले एटॉमिक एनर्जी रेगुलेट्री बोर्ड (एईआरबी) की अनुमति लगती है। इमारत की रचना का प्लान एईआरबी ने पास कर दिया है।
एक साल के अथक प्रयास के बाद इमारत बनाने की अनुमति मिल गई है। टेंडर भी निकल गए हैं, ऐसे में इमारत का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा।
 कीमो-रेडियो थेरेपी के लिए अलग कमरा
नायर अस्पताल के गार्डन में वैंâसर अस्पताल की इमारत का निर्माण किया जाएगा। इस अस्पताल में कीमो-रेडियो थेरेपी के लिए विशेष कमरा बनाया जाएगा। इसी के साथ विभिन्न प्रकार की जांच व उपचार मशीनों के लिए भी विशेष रूम बनाया जाएगा। सभी मशीनों की जांच एक बार फिर एईआरबी द्वारा की जाएगी। मशीनों से निकलनेवाला रेडिएशन तय मानक से कम है या नहीं? इसकी भी जांच की जाएगी।
 अस्पताल में १०० बेड
नायर अस्पताल के डीन डॉ. रमेश भारमल ने बताया कि १० मंजिली इमारत में लगभग १०० बेड होंगे। बाद में मरीजों की संख्या को देख बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
 `३४० करोड़ की लागत
नायर अस्पताल में वैंâसर मरीजों के लिए अलग अस्पताल बनाने के लिए लगभग ३४० करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक बजट २०१८-१९ में इस परियोजना के लिए ४ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।