मुंबई को रु. ५७८ करोड़ बुलेट को `१०,००० करोड़

रेल बजट का आम बजट में विलय होने के बाद करोड़ों रेल यात्रियों में बजट को लेकर काफी भ्रम होता रहा है। कल २ घंटे के भाषण में बुलेट बाबू अर्थात पीयूष गोयल का रेलवे बजट २ लाइन में सिमट गया लेकिन पूंजी के आंकड़े जरूर बढ़ते दिखे। पिछले साल मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (एमयूटीपी) ३ए के लिए ५४,७७७ का बजट पेश किया गया था। कल के आम बजट में एमयूटीपी-२ परियोजना के लिए २४५ करोड़, एमयूटीपी-३ के लिए २८३.७ करोड़ और एमयूटीपी-३ए परियोजना के लिए ५० करोड़ रुपए यानी इन तीनों प्रोजेक्ट के लिए इस बार ५७८ करोड़ रुपए दिए गए हैं, जबकि बुलेट को १०,००० करोड़ रुपए दिए गए हैं।
अटकीं परियोजनाएं
सबर्बन और लंबी दूरी की ट्रेनों का रूट अलग करना। एमयूटीपी-२ के तहत ये योजना २०१० में घोषित की गई थी, इसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
एमयूटीपी-२ के तहत घोषित ठाणे-दिवा लाइन, मुंबई सेंट्रल और बोरीवली के बीच छठवीं लाइन और ट्रैसपासिंग कंट्रोल जैसी योजनाएं भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
एमयूटीपी-३ के २८ किमी का पनवेल-कर्जत कॉरिडोर, विरार-डहाणू के बीच ६३ किमी का चार लाइनों का कॉरिडोर, एरोली-कलवा लिंक भी पूरा करना है।
सन २०१४ के बजट में ट्रेनों का रियल टाइम बताने के लिए जीपीएस लगाने की बात कही थी, अभी तक केवल जनवरी २०१९ में टेंडर निकाला गया है।
क्या थी एमयूटीपी-३ए ?
सीएसएमटी-पनवेल एलिवेटेड कॉरिडोर
पनवेल-विरार सबर्बन लाइन
हार्बर लाइन का बोरीवली तक विस्तार
पांचवीं और छठवीं लाइन बोरीवली-विरार
चौथी लाइन कल्याण और आसनगांव के बीच
तीसरी और चौथी लाइन कल्याण-बदलापुर
वैâबिन सिग्नलिंग आधारित सबर्बन कॉरिडोर
१६ उपनगरीय स्टेशनों का सुधार
२५० नई वातानुकूलित लोकल

अधर में परियोजनाएं
मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन द्वारा एमयूटीपी प्रोजेक्ट के तहत काम किए जाने हैं। अब तक केवल एमयूटीपी-१ का ही काम पूरा हो सका है। एमयूटीपी-२ और एमयूटीपी-३ के काम पूरे करने में ३ से ४ साल लग सकते हैं। इन्हीं के साथ एमयूटीपी-३ए की शुरुआत भी होनी है, जिसमें सीएसएमटी-पनवेल के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर का बड़ा प्रोजेक्ट भी शामिल है। एमयूटीपी-३ए के लिए अब केवल वैâबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से बजट पेश किया गया है और पैसे मिल रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि एक महीने में एमयूटीपी-३ए को वैâबिनेट की मंजूरी भी मिल जाएगी।
समय पर पूरे करने होंगे काम
मुंबई रेल के विकास के लिए अब नए कॉरिडोर बनाए जाने हैं। मौजूदा कॉरिडोर का विस्तार करना है यानी इन कामों के लिए जमीन की जरूरत भी होगी, जिसमें वक्त लगता है। एक अधिकारी ने बताया कि केवल २४७ वातानुकूलित लोकल ट्रेनों को छोड़कर अन्य सभी कामों के लिए रेलवे को बाहर की मदद की जरूरत है। नए कॉरिडोर बने, तब तक मुंबई की स्थिति यथावत ही रहनेवाली है। कम से कम पांच साल हालात सुधरने में लग सकते हैं।
‘एमयूटीपी के लिए हमें बजट में पर्याप्त पैसा मिल रहा है। इस बार भी बड़ी पूंजी दी गई है। पैसों के कारण मुंबई रेल विकास का कोई काम नहीं अटकेगा।’
-आर.एस.खुराना, चेयरमैन एवं एमडी (एमआरवीसी)

‘तोते से महल बनानेवाला बजट’-अशोक चव्हाण
पांच वर्ष में भाजपा सरकार ने कुछ काम नहीं किया। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कल जो अंतरिम बजट पेश किया है, वह जुमलेनामा अंतरिम बजट है। बजट में जिस प्रकार आर्थिक विकास का गुणगान किया गया है वह जिस प्रकार से बीरबल ने तोते से आकाश में महल बनाया था उसी प्रकार मोदी सरकार ने बजट बनाया है। यह बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

‘आम आदमी का बजट है’-देवेंद्र फडणवीस
केंद्र सरकार ने कल जो अंतरिम बजट पेश किया, वह आम आदमी के जीवनमान को ऊपर उठाने का प्रयत्न है। किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग, नौकरीवालों को, महिला और ग्रामीण भागों की जनता के विकास को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है, ऐसी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट पर व्यक्त की है।

‘बेसिक सीमा नहीं बढ़ाई’-राजीव सिंघल
आयकर की छूट का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनकी आय सभी तरह की छूट के बाद पांच लाख रुपए तक की होगी। बेसिक सीमा को नहीं बढ़ाया गया है। यह एक पूरी तरह से चुनावी बजट है। ये सब छुटें अगली सरकार के पूर्ण बजट पर भी निर्भर करेंगी।