" /> मुंबई टू दिल्ली १३ घंटे में संभव, १३० की स्पीड को सीआरएस की मंजूरी

मुंबई टू दिल्ली १३ घंटे में संभव, १३० की स्पीड को सीआरएस की मंजूरी

मुंबई से दिल्ली के बीच अब आम ट्रेनों से महज १३ घंटे में पहुंचना संभव होगा। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने मुंबई-दिल्ली रूट पर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को १३० किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौडने की मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलते ही पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिविजन ने एक्सप्रेस ट्रेनों को १३० की स्पीड से चलाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
बता दें कि कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी से मंजूरी मिलने के बाद पश्चिम रेलवे ट्रेनों के टाइम टेबल में परिवर्तन करने जा रही है। ताकि मुंबई से दिल्ली की दूरी १३ घंटे में तय की जा सके। वर्तमान में दिल्ली से मुंबई के बीच १,३८६ किमी की दूरी तय करने के लिए १५ घंटे ३५ मिनट का समय यात्रियों को लगता है। रेलवे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुंबई से दिल्ली रोजाना ३५ हजार लोग सफर करते हैं। बता दें कि ऑपरेशन रफ्तार के तहत देशभर में ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में रेलवे कार्य कर रही है। फिलहाल देश की सर्वाधिक रफ्तारवाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच १८० किमी की स्पीड से चलाई जा रही है। इसे टी-१८ के नाम से बनाया गया था जबकि राजधानी एक्सप्रेस १३० किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। इसके अलावा अन्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनें ९० से ११० किमी प्रति घंटा की स्पीड से चल रही हैं।
पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी सीआरएस (वेस्टर्न सर्कल) आरके शर्मा ने बताया कि विरार से नागदा तक के सेक्शन में हमें १३० की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है। वर्तमान में विरार से नागदा तक ट्रेनें ११० किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं। इसी रूट पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त से विशेष अनुमति लेकर राजधानी, शताब्दी जैसी कुछ ट्रेनों को १३० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा था। पहले ये अनुमति यहां पर कुछ चुनिंदा ट्रेनों तक ही सीमित थी। अब १३० किमी की स्पीड से चलने में सक्षम सभी ट्रेनों को इस गति से चलाया जा सकेगा।
अपग्रेड हुए ट्रैक
पश्चिम रेलवे ने ऑपेरशन रफ्तार के तहत १३० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए अपने ट्रैक और अन्य सुरक्षा मानदंडों को अपग्रेड किया है। इसके बाद पश्चिम रेलवे ने वेस्टर्न सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी को १३० की स्पीड से ट्रेन चलाने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद सीआरएस ने ट्रॉयल रन के बाद इसे मंजूरी दे दी है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (वेस्टर्न) सर्कल ने विरार से नागदा के बीच की स्पीड बढ़ाकर १३० करने को मंजूरी दी। उन्होंने गोधरा से रतलाम के बीच ट्रेन की गति को गोधरा से लिमखेड़ा के बीच १२० किलोमीटर, लिमखेड़ा से मेघनगर के बीच ११० किलोमीटर प्रति घंटा और मेघनगर से रतलाम के बीच १०० किलोमीटर प्रति घंटे तक की मंजूरी दी। यहां पर कई घुमाव और दूसरे कारणों से गति को इससे ज्यादा बढ़ाया नहीं जा सकता था। बड़ौदा-अमदाबाद के बीच १३० किमी प्रति घंटे की गति बढ़ाने के लिए सीआरएस की मंजूरी भी मिल गई है। अब एक-एक करके सभी टे्रनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी, ऐसा रेलवे के अधिकारियों का कहना है।