मुंबई तट पर पहुंचा समुद्र का शहंशाह

एशिया के सबसे बड़े जहाजों की श्रेणी में अब तक ‘क्वांटम’ और ‘ओवेशन ऑफ द सी’ का ही नाम दर्ज है लेकिन कल मुंबई के तट पर एक नया एशिया का सबसे विशाल जहाज ‘स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज’ पहुंचा। कल जब यह जहाज मुंबई के समुद्र तट पर पहुंचा तो इस विशालकाय जहाज को देखकर हर किसी ने इसे ‘समुद्र की शान’ कहकर संबोधित किया।
बता दें कि कल रॉयल वैâरेबियन इंटरनेशनल का नया जहाज ‘स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज’ मुंबई पोर्ट पर पहुंचा। इस जहाज में १६ डेक हैं जबकि १,६८,६६६ ग्रॉस रजिस्टर्ड टन का यह जहाज हिंदुस्थान आनेवाला सबसे बड़ा जहाज है। बताया जा रहा है कि क्वांटम अल्ट्रा क्लास के इस पहले जहाज ‘स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज’ में कुल मेहमानों की क्षमता ५,६२२ है। इस जहाज की लंबाई १,१३९ फीट है। यह जहाज दुबई से सिंगापुर के १४ नाइट क्रूज पर निकला है। इसका अगला स्टॉप ११ मई को कोचीन होगा।
मुंबई पोर्ट पर स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज के आगमन पर टाइरन के सीईओ वरुण च़ड्ढा ने कहा कि स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज के हिंदुस्थान आने पर हम बहुत खुश हैं। यह भारतीय तटों को छूनेवाला सबसे बड़ा और सबसे नया जहाज है। ये हमारे मेहमानों को रॉयल वैâरेबियन का अनुभव देगा। मई में इसके सिंगापुर में लॉन्च होने और फिर जून में शंघाई जाने के बाद इससे थाईलैंड, मलेशिया और जापान के रोमांचक स्थलों पर जाने के लिए भारतीय पर्यटकों को और क्रुजिंग सुविधाएं मिलेंगी।

‘स्पेक्ट्रम ऑफ द सीज’ जहाज के आगे के छोर पर क्रुज लाइन का पहला निजी एन्क्लेव है, जो सुइट गेस्ट्स के लिए है। सुइट्स बुक करनेवाले गेस्ट्स के लिए विशेष कार्ड की सुविधा, निजी लिफ्ट और आराम करने के लिए बाहरी स्थान और डेडिकेटेड रेस्तरां और लॉउंज हैं। ये जहाज एशिया में दो स्तरीय २,८०९ वर्ग फुट का अल्टिमेटम पैâमिली सुइट पेश करता है। इसमें ११ गेस्टों के रहने की व्यवस्था है। इसके अलावा इस जहाज में दुनियाभर के व्यंजनों के साथ-साथ एशियाई देशों में परोसे जानेवाले व्यंजन की भी व्यवस्था है।