मुंबई पर भी भूकंप का संकट

मुंबई से सटे पालघर जिले के डहाणू तालुका में इन दिनों भय का वातावरण है। नवंबर महीने से लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से डहाणू दहल गया है। डहाणू के पूर्वी क्षेत्र में पत्थरों के लिए खुदाई का काम जोरों पर है और मुंबई सीस्मिक जोन ३ में आता है। कहीं इस खुदाई की हलचलों से तो भूकंप को प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है, यह आशंका बन गई है। इसका मतलब यह कि मुंबई पर भी भूकंप का खतरा मंडरा रहा है।
बता दें कि पूरी धरती १२ टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है, जिसके नीचे तरल पदार्थ लावा के रूप में है। ये प्लेटें लावे पर तैर रही होती हैं। इनके टकराने से ही भूकंप आता है। गौरतलब है कि मुंबई भी सीस्मिक जोन तीन के अंतर्गत आता है। शहर से लेकर उपनगरों में जोरों-शोरों से खुदाई का काम जारी है। ऐसे में यदि खनन के कारण जमीन पर हलचल हो रही है तो फिर मुंबई पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पालघर में आ रहे भूकंप के झटकों का असर अब तक मुंबई पर नहीं दिखा है। भू-गर्भ वैज्ञानिकों की मानें तो भूकंप का केंद्र जमीन से १० किलोमीटर नीचे पाया गया है, ऐसे में खुदाई को इसका जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है। प्लेट्स की मूवमेंट जारी है इसलिए पालघर क्षेत्र को छोटे-छोटे झटके लग रहे हैं। मुंबई पर इसका असर पड़ेगा या नहीं इसके बारे में स्पष्ट रूप नहीं कहा जा सकता है क्योंकि भूकंप कब आएगा? यह पता करना अब तक मुमकिन नहीं।