मुंबई में जारी है कर्नाटक का सेमीफाइनल!

इंग्लैंड में कल टीम इंडिया भले ही सेमीफाइनल मैच हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गई पर यहां मुंबई में कर्नाटक का सेमीफाइनल जारी है। वहां सीएम कुमारस्वामी की कुर्सी रहेगी या जाएगी? हर किसी की निगाहें उसी ओर लगी हैं। कल इसी सेमीफाइनल के तहत पवई के होटल रिनेसां से लेकर कालीना के गेस्ट हाउस और एयरपोर्ट तक गेम चलता रहा। ५ स्टार होटल में कांग्रेसी नेताओं की लुका-छिपी चलती रही। इस बीच खबर आई कि ८ कांग्रेसी विधायकों ने स्पीड कुरियर से अपना इस्तीफा भेज दिया।
गौरतलब है कि कर्नाटक में चल रहे सियासी संकट के बीच बंगलुरु से तकरीबन ९८० किलोमीटर दूर यहां मुंबई में सियासी उठा-पटक जारी है। पवई स्थित होटल में ही कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक टिके हुए हैं। एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार के हाथ से सत्ता फिसल सकती है। ऐसे में कांग्रेस ने अपने संकटमोचक डीके शिवकुमार को एक बार फिर मोर्चे पर लगाया है। वहीं बागी विधायकों ने अपनी जान को खतरा जताते हुए पुलिस से सुरक्षा मांग ली। विधायकों की लुका-छिपी के बीच होटल के आसपास के इलाके में धारा १४४ लगा दी गई। दोपहर बाद पुलिस ने शिवकुमार सहित कांग्रेसी नेता मिलिंद देवड़ा, संजय निरुपम, नसीम खान आदि को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें कालीना के गेस्टहाउस में ले जाया गया। फिर पुलिस ने शिवकुमार को एयरपोर्ट ले जाकर छोड़ दिया।
बता दें कि कल सुबह से ही होटल में १० बागी विधायकों और शिवकुमार के बीच लुका-छिपी का खेल चल रहा था। जहां एक ओर शिवकुमार ने विधायकों को अपना मित्र बताते हुए मिलने की बात कही, वहीं बागी विधायकों पर दोस्ती और स्नेह का यह दांव बेअसर नजर आ रहा है। सुबह तकरीबन ८ बजे डीके शिवकुमार और जेडीएस विधायक शिवालिंगे गौड़ा होटल के पास पहुंचे लेकिन मुंबई पुलिस ने शिवकुमार को होटल के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान जेडीएस नेता नारायण गौड़ा के समर्थकों ने ‘गो बैक, गो बैक’ के नारे लगाए। कर्नाटक कांग्रेस के बागी विधायक रमेश जरकिहोली ने कहा कि, ‘हमें डीके शिवकुमार से मिलने में कोई रुचि नहीं है और हमसे मिलने के लिए यहां भाजपा से भी कोई नहीं है।’ जबकि बागी कांग्रेस नेता बी बासवराज ने कहा, ‘डीके शिवकुमार का अपमान करने का हमारा कोई इरादा नहीं है। हमें उन पर विश्वास है लेकिन किसी खास वजह से हमने यह कदम उठाया है। दोस्ती, प्यार और स्नेह एक तरफ हैं, हम सम्मान के साथ उनसे अनुरोध करते हैं कि वह इस बात को समझें कि आज हम उनसे क्यों नहीं मिल सकते हैं?’
उधर विधायकों की दलील के उलट कल शिवकुमार उनसे मिलने को अड़े हुए थे। उनका कहना था, ‘मैं अपने दोस्तों से मुलाकात किए बिना नहीं जाऊंगा। मैं आपके द्वारा यह कहने पर नहीं जा सकता कि बागी विधायक मिलने के लिए तैयार नहीं हैं, वे मुझे फोन करेंगे। उनका दिल पिघलेगा। मैं पहले से ही उनके संपर्क में हूं, हम दोनों का दिल धड़क रहा है।’