मुंबई में मरीज, अमेरिका में डॉक्टर, ऑपरेशन ऑनलाइन!

दुनिया डिजिटल हो गई है। हर चीज ऑनलाइन होती जा रही है तो फिर सर्जरी पारंपरिक क्यों रहे? जी हां, अब जमाना है ऑनलाइन ऑपरेशन का। यह कंप्यूटर कंसोल के जरिए संभव है। मुंबई के कई बड़े अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की जा रही है। इसमें कंप्यूटर कंसोल के जरिए मुंबई के अस्पताल के ऑपरेशन टेबल पर लेटे मरीज का ऑपरेशन अमेरिका में बैठा डॉक्टर कर सकता है। चिकित्सा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार मुंबई के जसलोक, नानावटी, हिंदूजा, फोर्टिंस और कोकिलाबेन जैसे बड़े व प्रतिष्ठित अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है और यहां पर विशेषज्ञ सर्जन इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। नानावटी अस्पताल के डॉक्टर विवेक वेंकट बताते हैं कि इसका मकसद दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर कंप्यूटर कंसोल के जरिए दूर किसी अस्पताल के ऑपरेशन टेबल पर लेटे मरीज की सर्जरी कर सकें।

हमारा देश बड़ी ही तेज गति से उन्नति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आज की तारीख में छोटे से छोटे क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेडिकल जगत में भी यह क्रांति आ गई है। अब मुंबई के अग्रिम अस्पतालों में रोबोट की सहायता से सर्जरी की जा रही है। देश में जहां मरीजों की तुलना में डॉक्टरों की संख्या कम है, ऐसे में रोबोटिक सर्जरी फायदेमंद हो सकती है। शहर के जानेमाने डॉक्टरों की मानें तो पारंपरिक सर्जरी में चूक व संक्रमण की आशंका बनी रहती है जबकि रोबोटिक सर्जरी में अचूक और संक्रमण का खतरा भी न के बरोबर होता है।

रोबोटिक सर्जरी इलाज की नई तस्वीर पेश कर रही है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष २०१७ में हिंदुस्थान में सर्जरी के लिए ५० रोबोटिक मशीन और ३०० ट्रेंड डॉक्टर थे जबकि वर्तमान में १०० रोबोटिक्स मशीनें और ६०० से अधिक ट्रेंड डॉक्टर्स हैं। नानावटी अस्पताल के कंसलटेंट ओंको-यूरोलॉजी के सर्जन (रोबोटिक सर्जन) डॉ. विवेक वेंकट ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि दरअसल रोबोटिक सर्जरी का मकसद यह है कि डॉक्टर दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर कंप्यूटर कंसोल के जरिए दूर किसी अस्पताल के ऑपरेशन टेबल पर लेटे मरीज की सर्जरी कर सकें। आज से दो दशक पहले रोबोटिक सर्जरी देश के लिए महज कल्पना थी क्योंकि आपके पास न अत्याधुनिक उपकरण थे, न संसाधन और न ही वह सुविधा, जो डॉक्टरों की कल्पना को हकीकत में बदल सके। क्या है रोबोटिक सर्जरी
इस सर्जरी को कम्प्यूटर द्वारा संचालित ‘रोबोट द विन्सी सिस्टम’ की मदद से किया जाता है। सर्जन एक विशेष कंसोल में रहता है, जहां वे इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी नजर बना कर रखते हैं। मरीज के भीतर छोटा सा ३डी वैâमरे और डाइम के आकार का सर्जिकल उपकरण को छोटे चीरों के माध्यम से रखा जाता है। यह वैâमरा सर्जन को ३६० डिग्री दृश्य देता है, जिससे वे इस सर्जरी को आसानी से कर पाते हैं। जिसके बाद डॉक्टर ३डी वैâमरे के द्वारा दिखाए गए दृश्य के अनुसार रोबोटिक आर्म्स को गाइड करते हैं। दूसरी ओर अन्य सर्जन शल्य चिकित्सा उपकरणों के सही स्थान की पुष्टि करने के लिए ऑपरेटिंग टेबल पर होते है।
इन बीमारियों के लिए उपयोगी
डॉक्टरों की मानें तो छाती, फेफड़े, सांसनली, छोटी व बड़ी आंत, किडनी, गॉलब्लैडर, पैनक्रियाज, फूड पाइप, पेट, ट्यूमर और प्रोस्टेट कैंसर के लिए रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मोटापा घटाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी में भी रोबोटिक सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
डॉक्टर-मरीज के लिए फायदेमंद
रोबोटिक सर्जरी डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए ही फायदेमंद है। डॉ. विवेक वेंकट ने बताया कि विगत १२ वर्षों में उन्होंने ५०० से अधिक रोबोटिक सर्जरी की है। नानावटी में भी उन्होंने १५ सफल सर्जरी की है। रोबोटिक सर्जरी का प्रमुख लाभ ये है कि यह काफी सटीक होती है। घंटों सर्जरी के बाद एक बार डॉक्टरों के हाथ कांप सकते हैं लेकिन रोबोट के नहीं। अन्य सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में काफी छोटा कट बनाया जाता है, जिसके चलते कम रक्तस्त्राव व पीड़ा होती है और जल्द ही रिकवरी होती है। ३डी वैâमरे के वजह से एक बेहतर व्यू मिलता है और रोबोटिक आर्म शरीर के उस हिस्से तक आसानी से पहुंच जाते हैं, जहां डॉक्टरों के हाथ पहुंचने में काफी कठिनाई होती है।