मुंबई में २० प्रतिशत अबॉर्शन बढ़ा!

मुंबई में विगत ५ वर्षों के दौरान गर्भवती महिलाओं द्वारा अबॉर्शन करवाने के मामले में २० प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अबॉर्शन की दर में होनेवाली इस वृद्धि का सबसे मुख्य कारण महिलाओं द्वारा ली जानेवाली गर्भनिरोधक दवाइयों का काम नहीं करना है, वहीं जीवन के लिए खतरे का भय और महिला का चोटिल होना अन्य प्रमुख कारण है।
बता दें कि मनपा अस्पतालों में अबॉर्शन करवाने की घटनाओं में पिछले पांच सालों में २० प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों से लगातार सबसे ज्यादा अबॉर्शन २५-२९ आयु की महिलाओं द्वारा करवाया गया है। वर्ष २०१८-१९ में कुल ३६,३१५ महिलाओं द्वारा अबॉर्शन करवाया गया था, जिनमें २५ से २९ आयु की १२,०९८ महिलाएं थीं, वहीं वर्ष २०१४-१५ में ३०,७४२ अबॉर्शन करवाए गए। जिनमें २५-२९ आयु की ९,८४७ महिलाएं थीं। इपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक विनोज मेनिंग ने बताया कि अबॉर्शन महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। हिंदुस्थान में ८ प्रतिशत मातृ मृत्यु असुरक्षित अबॉर्शन के कारण होती है इसलिए महिलाओं का अधिक सतर्क रहना आवश्यक है।
बच्चियों में घटा
एक तरफ जहां महिलाओं द्वार विगत ५ वर्षों में अबॉर्शन करवाने की दर में २० प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं १५ साल से कम आयु की बच्चियों द्वारा अबॉर्शन करवाने की दर में ९५ प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञ एक तरफ इसको समय के साथ बढ़नेवाली जागरूकता समझ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अन्य को डर है कि बच्चियां अबॉर्शन के लिए कहीं असुरक्षित तरीके तो नहीं अपना रहीं हैं। वर्ष २०१४-१५ में १५ साल से कम आयु की १८५ बच्चियों ने अबॉर्शन करवाया था, वहीं साल २०१८-१९ में मात्र ११ बच्चियों ने अबॉर्शन करवाया है। इसका एक कारण बच्चियों द्वारा प्रोटक्शन का उपयोग करना और जागरूक होना भी हो सकता है।
पांच सालों में अबॉर्शन में २०ज्ञ् वृद्धि
२०१४-१५ – ३०,७४२
२०१५-१६ – ३४,७९०
२०१६-१७ – ३३,५२६
२०१७-१८ – ३५,३५८
२०१८-१९ – ३६,३१५