मुंबई रेल विकास को रफ्तार

आगामी चुनाव से पहले आखिरकार मुंबई के उपनगरीय रेल विकास को रफ्तार मिल गई हैं। केंद्र के आर्थिक मामलों की समिति से कल मुंबई उपनगरीय ट्रेनों के सुधार के लिए मंजूरी मिल गई है। हालांकि २०१७-१८ में बजट में घोषित किए गए ५४,७७७ करोड़ रुपए में कटौती जरूर की गई है। संशोधित प्रस्ताव ३३,६९० करोड़ रुपए का है। अब इस प्रस्ताव को बोर्ड में भेजा जा रहा है, जहां से मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
फंस गई हार्बर लाइन!
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षतावाली आर्थिक मामलों की समिति से एमयूटीपी ३ए को मंजूरी तो मिल गई है लेकिन इसके एवज में सीएसएमटी-पनवेल एलिवेटेड कॉरिडोर और पनवेल-विरार के बीच नए उपनगरीय रूटवाले प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके अलावा बजट में घोषित की गई २१० एसी लोकल की संख्या घटाकर १९१ कर दी गई है।
मेट्रो लगाएगी मुंबई का बेड़ा पार
सूत्रों के अनुसार एलिवेटेड कॉरिडोर हटाने के पीछे मकसद है कि मेट्रो-४ कासरवडवली-ठाणे-मुलुंड-घाटकोपर-वडाला का जीपीओ तक विस्तार कर दिया गया है। एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ इस परियोजना का डुप्लिकेशन हो रहा था इसलिए एमआरवीसी को इसे रिव्यू करने के लिए कहा गया है। इसी तरह मौजूदा वसई-दिवा कॉरिडोर का विस्तार कर, इसे पनवेल-विरार में शामिल कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि इन्हीं कॉरिडोर को १९ एसी लोकल देने की योजना थी, जिसकी अब जरूरत नहीं है।
मंजूर परियोजनाएं
हार्बर लाइन का बोरीवली तक विस्तार
बोरीवली-विरार पांचवी-छठी लाइन
कल्याण-आसनगांव चौथी लाइन
कल्याण-बदलापुर के बीच तीसरी-चौथी लाइन
कल्याण यार्ड रिमॉडलिंग
कम्युनिकेशन बेस्ड कंट्रोल सिस्टम
स्टेशनों का सुधार
-१९१ एसी लोकल रेक

मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन द्वारा एमयूटीपी प्रोजेक्ट के तहत काम किए जाने हैं। अब तक केवल एमयूटीपी-१ का ही काम पूरा हो सका है। एमयूटीपी २ और एमयूटीपी ३ के काम पूरे करने में ३ से ४ साल लग सकते हैं। एमयूटीपी ३ए को फिलहाल आर्थिक समिति से मंजूरी मिली है, बोर्ड की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।