मुंबई-सूरत लोकल ठंडे बस्ते में, आ रही है तकनीकी अड़चन

मुंबई में उपनगरीय खंड का विस्तार धीरे-धीरे समय की जरूरत बनते जा रही है। पश्चिम रेलवे का उपनगरीय रेल मार्ग पहले चर्चगेट से विरार तक था। केवल इन्हीं मार्गों पर लोकल ट्रेन का परिचालन होता था लेकिन धीरे-धीरे उपनगरीय रेल मार्ग का विस्तार हुआ और अब पश्चिम रेलवे का उपनगरीय मार्ग चर्चगेट से डहाणू तक हो गया है।
अब चर्चगेट से डहाणू तक यात्री लोकल से सीधा सफर कर रहे हैं जबकि पहले डहाणू का सफर तय करने के लिए यात्री विरार से मेमू ट्रेन पकड़ते थे। रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या व उनकी मांग के अनुसार पश्चिम रेलवे के उपनगरीय खंड का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है।
समय के साथ-साथ इसका विस्तार होना भी संभव है लेकिन पश्चिम रेलवे डहाणू से सूरत के बीच लोकल ट्रेन चलाने की जिस योजना पर कार्य कर रही थी, वह योजना महज इसलिए ठंडी पड़ गई है क्योंकि डहाणू से सूरत का सेक्शन उपनगरीय खंड के अंतर्गत नहीं आता है। ऐसे में मुंबई से सूरत के बीच फिलहाल लोकल ट्रेन चलाने की योजना ठंडे बस्ते में चले गई है।

 रेल यात्री परिषद के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता का कहना है कि मुंबई, पुणे, नासिक, सूरत प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आना-जाना पड़ता है, उन हजारों यात्रियों को आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। प्रतिदिन आने-जानेवाले यात्रियों की वजह से १२० दिन पहले आरक्षण कराकर यात्रा करनेवाले यात्रियों को भी बहुत परेशानी होती है, जिसकी वजह से अक्सर प्रतिदिन यात्रियों के साथ विवाद होता रहता है। अत: मध्य रेल मुंबई से पुणे-नासिक ईएमयू लोकल शुरू करने का प्रयत्न कर रही है। उसी तरह पश्चिम रेलवे को भी जल्द अपने उपनगरीय खंड का विस्तार कर डहाणू-वापी, डहाणू-सूरत ईएमयू लोकल शुरू करनी ही चाहिए।

 कराया गया था सर्वे
३ अप्रैल, २०१८ को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक एके गुप्ता द्वारा सुरक्षा व पंचुअलिटी मीटिंग ली गई थी। इस मीटिंग में महाप्रबंधक ने डहाणू से सूरत लोकल ट्रेन चलाना संभव है या नहीं? इसे लेकर एक सर्वे करने के लिए कहा था और इसकी रिपोर्ट १० दिन में तैयार करने के लिए कहा था। हाल ही में हुए जेडआरयूसीसी की मीटिंग में रेलवे ने यह कहकर डहाणू-सूरत लोकल ट्रेन के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया क्योंकि यह सेक्शन उपनगरीय मार्ग के अंतर्गत नहीं आता है।

 सुविधाएं नहीं हैं
सूरत से मुंबई रोजाना हजारों लोग मेल-एक्सप्रेस ट्रेन से मुंबई का सफर करते हैं। रेल यात्री संदेश पटेल का कहना है कि यदि डहाणू से सूरत डायरेक्ट लोकल ट्रेन सेवा शुरू होती है तो मेल एक्सप्रेस ट्रेन के मुकाबले लोकल का सफर अधिक सुविधाजनक होगा। इस संबंध में पश्चिम रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार ने बताया कि ईएमयू (लोकल) और मेमू ट्रेन के आयाम अलग-अलग होते हैं। फिलहाल डहाणू से आगे सूरत तक मेमू चल रही है। हमनें दो और मेमू ट्रेनें चलाई हैं, जो कि उधना, जलगांव, नंदुरबार के आगे तक चलती है। डाहणू-सूरत के बीच लोकल ट्रेन चलाने के लिए उचित इंप्रâास्ट्रक्चर चाहिए। ईएमयू लोकल चलाने से यात्रियों को चढ़ने- उतरने में फिलहाल समस्या होगी। जब तक इन मार्गों पर स्टेशनों का आधारभूत ढांचा मजबूत नहीं किया जाता, तब तक इस मार्ग पर लोकल ट्रेन चलाना उचित नहीं है। अगर लोकल ट्रेन चलाने की जरूर पड़ी तो पहले मूलभूत सुविधाओं को योजना के तहत पूरा किया जाएगा।