" /> मुंबई से गोरखपुर के लिए निकली ट्रेन पहुंची ओडिशा!

मुंबई से गोरखपुर के लिए निकली ट्रेन पहुंची ओडिशा!

-जांच में जुटी रेलवे
-21 मई को वसई से छूटी थी ट्रेन

‘जाना था जापान पहुंच गए चीन’ हिंदी सिनेमा के इस गीत को भारतीय रेलवे ने कोरोना काल मे बखूबी चरितार्थ किया है। जब मुंबई के वसई रोड से गोरखपुर के लिए चली ट्रेन गलती से ओडिशा पहुंच गई। ट्रेन जब उड़ीसा के राउरकेला स्टेशन पहुंची तो यात्रियों में खलबली मची। रेलवे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

गौरतलब है कि बीते दो महीने से लॉकडाउन खत्म होने की राह देख रहे प्रवासी मजदूरों के लिए इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। कुछ खुशकिस्मत थे, जो पैदल, बसों, ट्रकों या अन्य माध्यमों से अपने घर तक पहुंच गए। मजदूरों की दुर्दशा पर तरस खाकर सरकार ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई। इससे शहरों में फंसे श्रमिकों में आस जगी और उन्होंने राहत की सांस ली कि अब सही सलामत अपने घर पहुंच जाएंगे लेकिन लापरवाही की हद तो तब हो गई, जब मुंबई से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाने के लिए निकली ट्रेन ओडिशा पहुंच गई।

अलग-अलग मार्ग से राउरकेला
मुंबई से ट्रेन में बैठे लोग जब शनिवार की सुबह उठकर घर जाने के लिए तैयार हुए तो उन्होंने खुद को गोरखपुर नहीं, बल्कि ओडिशा में पाया। 21 मई को मुंबई के वसई स्टेशन से गोरखपुर (यूपी) के लिए रवाना हुई ट्रेन अलग मार्ग पर चलते हुए ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई। नाराज यात्रियों ने जब रेलवे से इसका जवाब मागा तो वहां मौजूद अधिकारियों ने कहा कि तकनीकि गड़बड़ी के चलते ट्रेन के चालक ने अपना रास्ता खो दिया।

रूट मे बदलाव की जानकारी नहीं
वहां के रेलवे अधिकारियों  ने कहा कि इस पूरे मामले में रेल चालक की कोई गलती नहीं है। गंतव्य में परिवर्तन डिजाइन द्वारा किया गया था। हालांकि ये सवाल अभी बरकरार है कि रेल में यात्रा कर रहे यात्रियों को रूट में बदलाव को लेकर कोई जानकारी क्यों नहीं दी गई?

रेलवे ने शुरू की जांच
रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ये प्रवासी मजदूर मुंबई से निकलकर अब ओडिशा में फंस गए हैं और अभी भी अपने घर जाने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन में मौजूद शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हमें गोरखपुर जाना था, तभी राउरकेला पहुंच गए। डिब्बे में खलबली मच गई। लोग एक दूसरे से सावाल कर रहे हैं। पर अभी तक हमारे पास कोई जवाब नहीं आया है। बंगाल में एक जगह ट्रेन रूकी तो स्थानीय लोगों ने हमें पानी तक नहीं लेने दिया। ट्रेन में मौजूद छोटे बच्चे, महिलांए और दूसरे यात्रियों के भोजन पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ट्रेन में चर्चा है कि अभी 24 घंटे और लगेंगे गोरखपुर पहुंचने में। फिलहाल ट्रेन लगातार चल रही है।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी का बयान
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर का कहना है कि वसई रोड – गोरखपुर श्रमिक स्पेशल ट्रेन जो 21 मई, 2020 को रवाना हुई थी, उसे कल्याण – जलगांव- भुसावल – खंडवा – इटारसी – जबलपुर – मानिकपुर रूट पर चलाया जाना था, लेकिन यह ट्रेन गोरखपुर के लिय डाइवर्ट रूट से होकर चलाई जा रही है। क्योंकि बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, आद्रा, आसनसोल (ईआर) मौजूदा मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम है। उन्होंने आगे बताया कि इटारसी के पास भारी भीड़ के कारण – जबलपुर – पं. दीन दयाल नगर मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है।इसके मद्देनजर, रेलवे बोर्ड द्वारा वसई रोड, उधना, सूरत, वलसाड, पश्चिम रेलवे के अंकलेश्वर, कोंकण रेलवे और सीआर के कुछ स्टेशनों से अस्थायी रूप से ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है।