मुंब्रा की मुसीबत, नशे का कारोबार, युवक हो रहे हैं बेजार

मुंब्रा-कौसा में ड्रग्स का कारोबार बढ़ता जा रहा है। मुस्लिम युवक नशे की जाल में फंसकर अपने होशो-हवास खोते जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ड्रग माफिया पर कार्रवाई करने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रहा है। प्रतिदिन विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा नशेड़ी युवकों को नशा मुक्ति केंद्र भेजा जा रहा है। नशेड़ियों की वजह से कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद नशेड़ियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। नशे की लत के कारण मुंब्रा के युवक बेजार हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम बहुल मुंब्रा बेहद घनी आबादीवाला शहर है। यहां की कुल ८ लाख आबादी में युवकों की संख्या आधे से भी ज्यादा है। मुंब्रा-कौसा के कुछ खास मुहल्लों में चरस, गांजा, एमडी जैसे नशीले पदार्थ असानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक, स्कूल-कॉलेज में पढ़नेवाले छात्र तथा छात्राएं नशे का शिकार हो रही हैं। नशेड़ी युवकों से न केवल उनके अभिभावक बेहद परेशान हैं बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था पर इसका असर पड़ने लगा है। नशे के लिए पैसों की छिनैती करने के दौरान नशेड़ियों द्वारा मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमले किए जा रहे हैं। नशा न मिलने की वजह से दिमागी संतुलन खो बैठे नईम शेख को नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों द्वारा काबू में करने के दौरान हुई मौत का मामला गरमाया हुआ है। केंद्र में भर्ती ४५ से अधिक पगलाए नशेड़ी नशा मुक्ति केंद्र से फरार हो गए हैं। नशा मुक्ति केंद्र बंद हो गया है। इस मामले में तीन बड़े मौलाना कानून की गिरफ्त में फंस चुके हैं। इसकी वजह से धार्मिक संस्थाओं में डर का माहौल पैदा हो गया है।

नशा बन गया राजनीतिक मुद्दा
लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग एवं संस्थाएं विभिन्न मुद्दों पर सर्वपक्षीय नेताओं के साथ चर्चा कर रही हैं। चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदान हो इसके लिए सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को मुंब्रा स्टेशन के सामने एक हॉल में बुलाया गया था पर इसमें नशे का ही मुद्दा छाया रहा। ‘जन विकास फाउंडेशन’ नामक संस्था के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने बढ़ रहे नशे के व्यापार को मुंब्रा के लिए नासूर बताया। संस्था के अध्यक्ष पूर्व महापौर नईम खान ने नशे के कारोबार के लिए पुलिस के साथ-साथ राजनीतिक दल के नेताओं को सीधा जिम्मेदार बताया तो उपस्थित सैकड़ों लोगों ने इसका जोरदार स्वागत किया। आगामी लोकसभा चुनाव में मुंब्रा-कौसा में बढ़ रहे नशे का व्यापार एक बड़ा मुद्दा बन रहा है, इसका इशारा मिल गया है।