" /> मुंब्रा में फास्ट हाल्ट! ठाणे-दिवा पांचवें-छठवें मार्ग का निर्माण

मुंब्रा में फास्ट हाल्ट! ठाणे-दिवा पांचवें-छठवें मार्ग का निर्माण

-लोकल फेरी बढ़ाने की क्षमता
-एक्सप्रेस गाड़ियों के लिए मिलेगा स्वतंत्र मार्ग
-भीड़ के समय छूटेगी अतिरिक्त लोकल
-चल सकेगी वातानुकूलित लोकल

निर्माणाधीन ठाणे-दिवा पांचवें छठवें रेलवे मार्ग के बन जाने से रेलवे को ५० लोकल ट्रेनों की फेरियां बढ़ाने की क्षमता हासिल हो जाएगी। इस मार्ग पर बननेवाले दूसरे पुल के लिए ६५० टन वजनी गार्डर उपलब्ध हो गया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में पुल के निर्माण का काम पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य मुंबई रेलवे विकास महामंडल द्वारा निर्धारित किया गया है। पुल निर्माण के साथ ही वर्षों से धीमी गति से चलनेवाली इस परियोजना का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो जाएगा और ज्यादा से ज्यादा सामान्य लोकल के साथ वातानुकूलित लोकल के भी चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा। इतना ही नहीं मुंब्रा स्टेशन पर फास्ट लोकल को हाल्ट दिया जाएगा मतलब तेज लोकल मुंब्रा में रुकेगी।
एक अधिकारी के मुताबिक मुंबई नागरी परिवहन प्रकल्प- २ के अंतर्गत इस परियोजना की शुरुआत की गई है। इसके पूर्ण हो जाने के बाद सीएसएमटी से कल्याण के बीच न केवल ५० से ज्यादा लोकल फेरियों के बढ़ाने की क्षमता हासिल हो जाएगी अपितु मुंब्रा में तेज लोकल के रुकने तथा वातानुकूलित लोकल गाड़ियों के भी चलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
`५०२ करोड़ में से ४९७ करोड़ खर्च
पहले एक पुल का निर्माण कार्य मुंब्रा स्थित खाड़ी के बगल शुरू है। खाड़ी के बगल में होने की वजह से गार्डर पर जंक निरोधी एल्युमिनियम मेटलायजिंग नामक रसायन की चार परत चढ़ाए जाने का काम किया जा रहा है। इस समय गार्डर लगाने का काम चल रहा है। मुंब्रा से दिवा तथा ठाणे से कलवा के बीच रेलवे लाइन बिछाने का काम करीब-करीब पूर्ण हो चुका है। दोनों पुलों के निर्माण का काम पूर्ण हो जाने के बाद ठाणे-दिवा रेल मार्ग के बीच विद्युतीकरण का काम शुरू किया जाएगा। ९ किमी लंबी ठाणे-दिवा पांचवें-छठवें रेल मार्ग के लिए अपेक्षित खर्च ५०२.३६ करोड़ रुपए है, जिसमें से ४९७ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। दिसंबर २०२० तक ठाणे-दिवा रेलवे लाइन के काम को पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दूसरे पुल के लिए गार्डर हुए उपलब्ध
ठाणे-दिवा रेलवे लाइन परियोजना अंतर्गत राष्ट्रीय महामार्ग ४८ (मुंबई-पुणे पुराना महामार्ग) स्थित खरेगांव, रेती बंदर में ६ गार्डर की मदद से दूसरे पुल के निर्माण की योजना है। पुल के लिए ७६.२ मीटर लंबा तथा ६५० टन वजनी दो गार्डर तथा ३० मीटर लंबा तथा ६० टन वजनी चार गार्डर उपलब्ध हो चुके हैं। मुंबई रेलवे क्षेत्र अंतर्गत यह सबसे बड़ा तथा वजनदार गार्डर होने का दावा महामंडल के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।