" /> मुक्के पर टोक्यो

मुक्के पर टोक्यो

अपने मुक्के पर टोक्यो की टिकट पा जानेवाली ६ बार की वर्ल्ड चैंपियन एम सी मैरीकॉम (५१ किग्रा) ने जॉर्डन के अम्मान में एशियाई क्वॉलिफायर के सेमीफाइनल में जब जगह बनाई, तब वे ओलिंपिक के लिए सबसे बुजुर्ग महिला मुक्केबाज के रूप में भी नामचीन बन गई। मैरीकॉम अपने करियर में दूसरी बार ओलिंपिक में खेलेंगी। इससे पहले साल २०१२ में हुए लंदन ओलिंपिक में मैरीकॉम ने न सिर्फ क्वॉलिफाई किया था बल्कि उन्होंने वहां ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। अब मैरीकॉम से टोक्यो ओलिंपिक में पदक की उम्मीद होगी। मैरीकॉम के साथ ६ और मुक्केबाजों ने अपना टोक्यो का टिकट कटवाया है। मैरीकॉम इस वक्त विश्व की पांचवें नंबर की मुक्केबाज हैं। इस खेल में औसत आयु वर्ग के नजरिए से मैरीकॉम काफी बूढ़ी मानी जाती हैं मगर उन्होंने अपनी उम्र को अपने जोश और हौसले से मानों पीछे रख छोड़ा है। वो निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन करती हुई देश के लिए उम्मीद जगाए रखती हैं। टोक्यो में भी पदक की पूरी उम्मीद है।