" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निर्देश : राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम निराकरण परियोजना पर तेजी से करो काम!

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निर्देश : राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम निराकरण परियोजना पर तेजी से करो काम!

‘भूमिगत बिजली लाइनों, बांधों, घर का निर्माण प्राथमिकता के साथ किया जाए’

विश्व बैंक की सहायता से नेशनल साइक्लोन रिस्क्यूशन रिडक्शन प्रोजेक्ट ( एन सी आर एम पी) के तहत तटीय जिलों में 397.97 करोड़ रुपए के काम चल रहे हैं। इस काम को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए है। हाल की में आए चक्रवात व भविष्य में ऐसी आफत आने से पहले यह काम तुरंत पूरा करने की आवश्यकता है। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। विश्व बैंक की सहायता से चलाए जानेवाले नेशनल साइक्लोन रिस्क मिटिगेशन प्रोजेक्ट, स्टेट प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट डिजास्टर मैनेजमेंट, रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन डिपार्टमेंट की एक समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री ने कल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के तहत तटीय जिलों में भूमिगत बिजली लाइनों के निर्माण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। रायगढ़ जिले के अलीबाग शहर, रत्नागिरी जिले के रत्नागिरी शहर और पालघर जिले के सातपडी में 203.77 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पथ पर हैं। सभी नियोजित भूमिगत बिजली लाइनों को समय पर पुरस्कृत करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य है। इसलिए, अतिरिक्त भूमिगत बिजली लाइनों के निर्माण के लिए 390 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसमें से मालवण के लिए 90 करोड़ रुपए, अलीबाग के लिए 25 करोड़ रुपए, रत्नागिरी के लिए 200 करोड़ रुपए और सातपाड़ी के लिए 35 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना के तहत, खार डैम की मरम्मत के लिए 55.22 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं। इसमें से 44.40 करोड़ रुपए रायगढ़ जिले में नारवेल बेनवले के लिए और 10.82 करोड़ रुपए काचली पिटकरी के लिए दिए गए हैं। प्री-डिजास्टर सिस्टम के लिए 53 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं और महाराष्ट्र इस परियोजना के तहत प्री-डिजास्टर सिस्टम के लिए निविदा प्रकाशित करने वाला पहला राज्य है।

11 स्थानों पर बनेंगे घर
वर्तमान में, तटीय इलाकों में 11 स्थानों पर घर बनाए जाएंगे। यह जानकारी मदद व पुनर्वसन सचिव किशोरराजे निंबालकर ने दी। इसके अलावा, 30 घरों की आवश्यकता अनुसार इसके लिए प्रावधान करने को प्राथमिकता दी जाएगी, ऐसा उन्होंने कहा ।

सीमेंट का स्लैब
हाल ही में आए चक्रवात ने सीमेंट की चादरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें उड़ा दिया। लेकिन खपड़े के घर बरकरार रहे। आगे से जिन घरों का पुनर्निर्माण किया जाना है, उन पर सीमेंट का स्लैब डाले जाएंगे।

लाइटनिंग अरेस्टर बैठाना है
बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को टालने के जिन क्षेत्रों में बार-बार बिजली गिरने से नुकसान होते थे, उन क्षेत्रों में लाइटनिंग अरेस्टर बैठाने पर जल्द से जल्द कार्यवाही करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। कोंकण तट पर हमेशा तूफान का खतरा बना रहता है। कोंकण तट के साथ सभी जिलों के लिए चक्रवात संरक्षण के लिए जो जो परियोजनाएं लानी होगी वे सभी परियोजना लाई जाएंगी। विश्व बैंक की मदद से चल रही विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने का सरकार प्रयास कर रही है। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए मंत्रालय में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशिष कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, आपदा व्यवस्थापन, मदत व पुनर्वसन विभाग के सचिव किशोरराजे निंबालकर, आपदा व्यवस्थापन संचालक अभय यावलकर व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।