" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की प्रवासी श्रमिकों को गांव भेजने के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की प्रवासी श्रमिकों को गांव भेजने के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग

केंद्र सरकार से प्रदेश में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव भेजने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था करने की मांग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की है।
उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलवे मंत्रालय से अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अप्रैल के आखिर तक गाइड लाइन जारी करने की मांग की है। अतिरिक्त केंद्रीय सचिव मनोज जोशी की अध्यक्षता में पांच अधिकारियों की टीम महाराष्ट्र आई हुई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अन्य राज्यों के श्रमिकों को उनके गांव भिजवाने के लिए प्रबंध कराने की मांग की। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों के आश्रय के लिए राहत कैंप बनाए हैं। मौजूदा समय में तकरीबन छह लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों और मजदूरों के रहने, भोजन और अन्य जरूरतों का प्रबंध राज्य सरकार की ओर से किया जा रहा है। हालांकि लोग अपने गांव जाना चाहते हैं। वे आंदोलन भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भरोसा दिला चुके हैं कि जो मजदूर जहां फंसे हैं, वहीं रहें। उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
अप्रैल आखिर से 15 मई तक कोरोना का प्रभाव बढ़ने का अनुमान
सीएमओ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उद्धव ने कल फिर से केंद्र सरकार को प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भिजवाने के लिए स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था करने की सिफारिश भेजी। मुख्यमंत्री के मुताबिक केंद्र सरकार का अनुमान है कि 30 अप्रैल से 15 मई तक कोरोना वायरस का प्रमाण और बढ़ सकता है। ऐसे में केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए क्या श्रमिकों को उनके मूल गांव में भेजने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था हो सकती है। परप्रांतीय नागरिकों को घर जाते समय शुरू से लेकर अंत तक (एंड टु एंड) मतलब उनका घर तक निरीक्षण किया जए। वहां उनका क्वारंटाईन किया जाएगा तो वायरस नहीं बढ़ेगा। ऐसी व्यवस्था करके सावधानी पूर्वक उन्हें भेजा जाए। ऐसा विचार करके केंद्र सरकार समय पर निर्णय ले। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।