" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वादा किया पूरा : महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव भेजने की प्रक्रिया शुरू

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वादा किया पूरा : महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव भेजने की प्रक्रिया शुरू

– जिलाधिकारी नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी  
– मंत्रालय में बना नियंत्रण कक्ष
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में फंसे दूसरे राज्यों के छात्रों, श्रमिकों एवं प्रवासियों को उनके गांव भेजने का वादा किया था। उस वादा को पूरा करते हुए प्रवासी श्रमिकों को भेजने की प्रक्रिया सावधानी पूर्वक शुरू करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ ही अपने गांव जाने की इच्छा रखनेवाले लोगों की सहायता के लिए फोन नंबर और ईमेल एड्रेस जारी कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र में प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, छात्रों व अन्य नागरिकों को उनके गांव भेजने के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई हैं। कोरोना वायरस के लिए निर्धारित किए गए नियमों के अनुसार ही लोगों को सड़क मार्ग से उनके गांव भेजा जाएगा, जो लोग अपने खुद के वाहन से यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें भी यात्रा पास दिया जाएगा। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. नितिन करीर, महिला व बाल कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव आईए कुंदन, आपदा प्रबंधन के निदेशक अभय यावलकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए टेलीफोन नंबर 022-22027990, 022-22023039 और ई-मेल controlroom@maharashtra.gov.in  जारी किया गया है। राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी अपने- अपने जिले में फंसे व्यक्तियों की एक सूची तैयार करेंगे और इसे संबंधित अधिकारी को सौंपेंगे। दोनों राज्य आपसी बातचीत में तय करेंगे कि लोगों को सड़क मार्ग से कैसे ले जाया जाए।

कोरोना का लक्षण मिलने पर नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति

जब तक कलेक्टर या निदेशक, राज्य आपदा प्रबंधन का पत्र नहीं होगा, तब तक किसी भी समूह के लोगों को राज्य से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ उन्हें यात्रा की अनुमति होगी, जिनमें कोरोना या इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण नहीं हैं। यदि लक्षण पाए जाते हैं, तो उस व्यक्ति का निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के अनुसार उपचार किया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति संबंधित राज्य द्वारा निर्धारित नियमों और इलाज का पालन करने के लिए बाध्य होगा, जहां वह जा रहा है। खुद के वाहन से जानेवालों के लिए भी इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा।

14 दिन रहना होगा क्वारंटाइन में

यात्रियों को लाने या ले जाने वाले वाहनों का यात्रा पास,  सभी यात्रियों के नाम और अन्य जानकारी होना आवश्यक है। वाहन के लिए निर्धारित मार्ग और अवधि का उल्लेख होना भी अनिवार्य है, जिस स्थान पर यात्री उतरेंगे वह सूची राज्य या जिले को दी जाएगी। वाहनों को सेनेटाइजेशन करना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। महाराष्ट्र में अन्य राज्यों से आनेवाले यात्रियों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन करना जरूरी है। सभी यात्रियों का पहले मेडिकल परीक्षण होगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को होम क्वारंटाइन या संस्थागत क्वारंटाइन में रहना होगा। सभी यात्रियों को स्वास्थ्य सेतू मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा जाएगा ताकि उन्हें निरंतर संपर्क में रखा जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आह्वान : मत करो पैदल यात्रा, सरकार लाएगी वापस
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य राज्यों में फंसे लोगों को घर वापस आने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की है। लोगों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार अन्य राज्य सरकारों के संपर्क में है। संबंधित राज्य सरकारों को प्रवासी श्रमिक अपने नाम, पते, टेलीफोन नंबर, मेडिकल जांच की स्थिति सहित पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को लोगों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने प्रदेश की सीमा पूरी तरह सील करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। बगैर अनुमति कोई प्रदेश में नहीं आ सकता। दस लाख लोगों के लिए तत्काल क्वारंटीन सेंटर, शेल्टर होम और कम्युनिटी किचन तैयार करने का निर्देश दिया गया है।