" /> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में तीन घंटे बिताए, रामलला का दर्शन कर मंदिर निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में तीन घंटे बिताए, रामलला का दर्शन कर मंदिर निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया

-अयोध्या के विकास कार्यों का फीडबैक लिया और अयोध्या के विकास कार्यों को तेजी से काम कराने का निर्देश भी दिया

अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राम जन्मभूमि परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण की तैयारियों का भी जायजा लिया है। मुख्यमंत्री योगी ने राम जन्मभूमि राम लला के दर्शन किए हैं हनुमानगढ़ी का दर्शन किया है और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत गोपालदास से मणिराम दास छावनी में जाकर मुलाकात किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तय कार्यक्रम से एक घंटा 45 मिनट की देरी पर अयोध्या पहुंचे। बारिश के बीच भी मुख्यमंत्री योगी का हेलीकॉप्टर दोपहर 1:45 के करीब हवाई पट्टी पर उतरा । उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नॉन कोविड-19 हॉस्पिटल जिला अस्पताल में जाकर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री योगी ने जिला अस्पताल के प्रत्येक वार्ड को देखा वहां की साफ-सफाई को देखा और उसके बाद सर्किट हाउस में जाकर अयोध्या के जनप्रतिनिधियों और जिला अध्यक्षों से मुलाकात किया । अयोध्या के विकास कार्यों का फीडबैक लिया और अयोध्या के विकास कार्यों को तेजी से काम कराने का निर्देश भी दिया। जनप्रतिनिधियों में मिल्कीपुर के विधायक बाबा गोरखनाथ , रुदौली के विधायक रामचंद्र यादव , अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और जिला अध्यक्ष संजीव सिंह व नगर महा अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ भी सर्किट हाउस में अयोध्या के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक किया। उसके बाद वह अयोध्या के लिए निकले जहां मणिराम दास छावनी में जाकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात किया। लगभग 5 मिनट के करीब ट्रस्ट के अध्यक्ष से मुलाकात हुई उसके बाद मुख्यमंत्री योगी हनुमानगढ़ी दर्शन करने गए। हनुमानगढ़ी के दर्शन करने के बाद राम जन्मभूमि में रामलला का दर्शन करने के लिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि परिसर के नक्षत्र वाटिका में रीठा का पेड़ लगा कर वृक्षारोपण किया और संदेश दिया कि अगर पृथ्वी पर जीवन बचाना है तो वृक्षारोपण कर ज्यादा से ज्यादा पृथ्वी को हरा भरा करना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के गर्भ ग्रह पर समतलीकरण के कार्यों को देखा । उसके बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय व अन्य ट्रस्टियों से राम मंदिर निर्माण की तैयारियों को लेकर चर्चा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे को लेकर संतो और विहिप का बयान सामने आया है । राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का कहना है कि मुख्यमंत्री की ट्रस्ट के अध्यक्ष से हुई मुलाकात औपचारिक रही। लेकिन एक बात तय है कि राम मंदिर मॉडल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा । विश्व हिंदू परिषद का जो राम मंदिर मॉडल है उसी के अनुसार राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा । रही बात राम मंदिर निर्माण की भव्यता की तो पूरा मंदिर सोने का बना दिया जाएगा । वही आचार्य राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा की अब राम मंदिर निर्माण में देरी नहीं करनी चाहिए। यदि संभव हो तो 1 या 2 जुलाई को ही राम मंदिर निर्माण की भूमि पूजन का कार्य हो जाए । जिससे राम मंदिर निर्माण का काम शुरू हो सके। दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का कहना है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करें। चाहे इसमें थोड़ा सा समय लग जाए लेकिन संतो सहित पूरे देश की यह इच्छा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आए और भूमि पूजन करें । शरद शर्मा का कहना है कि कार्यशाला में रखे पत्थर 70% के करीब तराशे जा चुके हैं । जिनके माध्यम से राम मंदिर का निर्माण होना है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आयोध्या के विकास कार्यों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए है कि अयोध्या का विकास मुख्य है ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या में 3 घंटे के करीब रहे ।